सीधी जिले को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात : 201 करोड़ के विकास कार्यों का उपहार और ‘संकल्प से समाधान’ अभियान का शंखनाद

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी जिले के बहरी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता का विश्वास ही सरकार की असली शक्ति है और ‘मिशन मोड’ में काम करते हुए हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो या महिला—को सशक्त बनाया जा रहा है।
सीधी के लिए प्रमुख घोषणाएं और विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के लिए 201.64 करोड़ रुपये की लागत वाली 209 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। क्षेत्र की शिक्षा और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए उन्होंने निम्नलिखित बड़ी घोषणाएं कीं:
शिक्षा विस्तार: बहरी में अगले सत्र से नया कॉलेज शुरू होगा। साथ ही सिंहावल और देवसर के कॉलेजों में अब विज्ञान और वाणिज्य (Science & Commerce) संकायों की पढ़ाई भी हो सकेगी।
प्रशासनिक सुधार: देवसर में एडिशनल कलेक्टर कोर्ट अब पार्ट-टाइम के बजाय फुल-टाइम संचालित होगी।
सड़क और पुल: बहरी से चुरहट तक 64.54 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क (लागत 129 करोड़) का निर्माण होगा। गोपद नदी पर 500 मीटर लंबा पुल और महान नदी पर रपटे का निर्माण किया जाएगा।
जीआई टैग और उद्योग: सीधी की प्रसिद्ध ‘पंजा दरी’ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सरकार उसे GI टैग दिलाने का प्रयास कर रही है। जिले में टेक्सटाइल और अन्य उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
‘संकल्प से समाधान महाभियान-1’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘संकल्प से समाधान महाभियान-1’ की घोषणा की, जो 12 जनवरी से 31 मार्च, 2026 तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों के दरवाजे तक पहुँचाना है।
अभियान के चार चरण:
प्रथम चरण (12 Jan – 15 Feb): सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर 106 प्रकार की सेवाओं के लिए आवेदन लेंगे।
द्वितीय चरण (16 Feb – 16 March): क्लस्टर स्तर पर शिविरों का आयोजन।
तृतीय चरण (16 – 26 March): ब्लॉक स्तर पर लंबित शिकायतों और आवेदनों का निराकरण।
चतुर्थ चरण (26 – 31 March): जिला स्तर पर अंतिम शिविर लगाकर शत-प्रतिशत समाधान।
महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण
डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों को अब प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता दे रही है, जिसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा। साथ ही, उद्योगों में काम करने वाली बहनों को 5000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
किसानों के लिए सरकार ने अगले 5 वर्षों में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पशुपालन के लिए 40 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है।
कनेक्टिविटी और पर्यटन
मुख्यमंत्री ने ‘विन्ध्य प्रगति पथ’ का जिक्र करते हुए कहा कि भोपाल से सिंगरौली तक बनने वाला यह फोर-लेन हाईवे क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति लाएगा। सीधी को रीवा से जोड़ने वाली 6-लेन टनल और आगामी रेल सुविधाएं जिले की तस्वीर बदल देंगी। संजय टाइगर रिजर्व और सोन घड़ियाल अभयारण्य के माध्यम से पर्यटन को भी नई गति दी जा रही है।
विशेष झलक: कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी देखी और महिलाओं द्वारा बनाए गए लड्डुओं का स्वाद लेकर उनके हुनर की सराहना की।
















