मुख्यमंत्री की पहल : बुजुर्ग भीखलु राम की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासन की संवेदनशीलता का एक मानवीय चेहरा गरियाबंद जिले में देखने को मिला है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद ग्राम पथर्री के एक बुजुर्ग निवासी, भीखलु राम ध्रुव, को लंबे समय से रुकी हुई सरकारी सुविधाओं का लाभ महज कुछ ही घंटों में प्राप्त हो गया।
मुख्य घटनाक्रम और प्रशासनिक कार्यवाही
हाल ही में मीडिया के जरिए यह बात सामने आई थी कि फिंगेश्वर विकासखण्ड के भीखलु राम राशन और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस खबर पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को वृद्ध की मदद के निर्देश दिए।
प्रशासनिक सक्रियता के बाद जो कदम उठाए गए, वे निम्नलिखित हैं:
ई-केवाईसी (e-KYC) का समाधान: जाँच में पाया गया कि तकनीकी कारणों से ई-केवाईसी लंबित होने की वजह से उनकी सुविधाएं रुकी हुई थीं। प्रशासन ने तुरंत इस प्रक्रिया को पूरा करवाया।
पेंशन का भुगतान: ई-केवाईसी होते ही भीखलु राम को पिछले तीन महीनों की बकाया वृद्धावस्था पेंशन की राशि एकमुश्त प्रदान कर दी गई।
राशन की उपलब्धता: खाद्य विभाग की टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बुजुर्ग के घर पहुँचकर उन्हें 1 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया। अब उन्हें नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना सुनिश्चित कर दिया गया है।
जन-केंद्रित शासन का उदाहरण
कलेक्टर श्री बीएस उइके ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी पात्र हितग्राही को तकनीकी कारणों से परेशान न होना पड़े।
अपनी समस्याओं का समाधान होने पर श्री भीखलु राम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
“पेंशन और राशन की व्यवस्था होने से मेरे जीवन की एक बड़ी चिंता दूर हो गई है। मुख्यमंत्री जी की इस संवेदनशीलता ने मेरा सरकार पर भरोसा और बढ़ा दिया है।”
यह मामला स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुँचे।
















