स्वच्छता और रोजगार का संगम : छत्तीसगढ़ में ‘जोश’ अभियान का आगाज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में संस्थागत सफाई व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई और प्रेरणादायक शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को आगे बढ़ाते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के खड़गवां विकासखंड से ‘जर्नी ऑफ सेनिटेशन हाइजीन’ (JOSH) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
क्या है ‘जोश’ पहल?
‘जोश’ योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक संस्थानों की स्वच्छता को एक नए स्तर पर ले जाना है। इस पहल के तहत निम्नलिखित स्थानों पर वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी:
शासकीय स्कूल और छात्रावास।
स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी।
सामुदायिक शौचालय और अन्य सरकारी संस्थान।
युवाओं को मिला ‘स्वच्छता प्रहरी’ का नया पद
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोल रहा है।
स्वच्छता प्रहरी: योजना के अंतर्गत स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में नियुक्त किया जा रहा है।
आधुनिक किट: इन प्रहरियों को आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा गियर से लैस ‘स्वच्छता किट’ प्रदान की गई है।
कार्य प्रणाली: प्रहरी एक तय रूट चार्ट के अनुसार पंचायतों का दौरा करेंगे और पखवाड़े या महीने में एक बार गहन सफाई (Deep Cleaning) करेंगे।
आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव
मंत्री श्री राम विचार नेताम ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त जरिया है।
आय का मॉडल: संस्था प्रमुखों के अनुरोध पर की गई सफाई के बदले प्रति यूनिट 200 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह राशि सीधे स्वच्छता प्रहरियों को मिलेगी, जिससे उन्हें सम्मानजनक अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
भविष्य की योजना
प्रारंभिक चरण में प्रयोग के तौर पर प्रत्येक जनपद में एक स्वच्छता प्रहरी की नियुक्ति की गई है। जिला प्रशासन की देखरेख में चल रही इस योजना के परिणामों को देखते हुए जल्द ही इसे पूरे जिले और राज्य के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की योजना है।
















