बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ज़ोर देकर कहा है कि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि माँ लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पहले माँ सरस्वती को प्रसन्न करना आवश्यक है, जिसका अर्थ है विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर और परिश्रम से पढ़ाई करना अनिवार्य है। उन्होंने दोहराया कि सरकार चाहती है कि ‘बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें’, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी विद्यार्थियों को शीघ्रता से सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि सामान्यतः सत्र समाप्ति पर अप्रैल में मिलने वाली छात्रवृत्ति अब अक्टूबर माह में ही छात्रों के खातों में जारी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल जैसी सुविधाएँ भी समय पर मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में समेकित छात्रवृत्ति योजना के तहत 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में ₹300 करोड़ से अधिक की राशि ‘सिंगल क्लिक’ से जारी की। उन्होंने कहा, “आज देव दीपावली से पहले ही विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है।”
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी ज़िलों के छात्र वर्चुअल माध्यम से इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में कई नई पहल की जा रही हैं, जिनमें प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देश के सबसे बेहतरीन सरकारी स्कूल मध्यप्रदेश में बन रहे हैं। उन्होंने पिछले महीने शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हज़ार छात्रों की फीस की प्रतिपूर्ति का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, राज्य के निजी विद्यालयों में 20% सीटों पर गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है।
उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय और 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज निर्माणाधीन हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9 के उन 1 करोड़ विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिलें वितरित की हैं, जो 4 किमी से अधिक दूरी पर रहते हैं। साथ ही, बोर्ड परीक्षा में 75% से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख छात्रों को लैपटॉप दिए गए हैं। सरकार ने नीट (NEET), क्लेट (CLAT), जेईई (JEE) सहित सभी प्रकार की कोचिंग निःशुल्क प्रदान करने की भी योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ-साथ उद्यमी बनकर लोगों को रोज़गार देने वाला बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने का आह्वान किया।
जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम मिल रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि शालेय शिक्षा में सुधार के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं, जिसमें विद्यार्थियों और शैक्षणिक स्टाफ की उपस्थिति तथा गतिविधियों की ट्रैकिंग शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, और राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को निखारने का हरसंभव प्रयास कर रही है।
इस योजना के तहत, 6 विभागों (स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय) की 20 प्रकार की छात्रवृत्तियाँ कक्षा 1 से 12 तक के पात्र छात्रों को एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की जाती हैं, जिसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।अक्टूबर 31, 2025 (स्रोत: AGNIBAN)
















