पाक-अफगान सीमा पर भीषण सैन्य संघर्ष : 150 से अधिक हताहत, हवाई हमले और बढ़ता तनाव

नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद ने अब एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया है। बीती रात दोनों देशों के बीच हुई भारी गोलाबारी और सैन्य कार्रवाई में 150 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर है। ताजा सैन्य घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया के इन दो पड़ोसियों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
अफगान सेना का बड़ा दावा: 15 चौकियों पर कब्ज़ा
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उनके सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के नियंत्रण वाली 15 सैन्य चौकियों को अपने कब्जे में ले लिया है। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस जमीनी कार्रवाई में कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और कुछ को बंदी बना लिया गया है। मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने सद्भावना के तौर पर 13 पाकिस्तानी सैनिकों के शव वापस सौंप दिए हैं।
हवाई हमलों से दहला काबुल और कंधार
सीमा पर तनाव के बीच पाकिस्तान ने भी सख्त रुख अपनाया है। अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों, विशेषकर दंड अव पाटन में पाकिस्तानी गोलाबारी की खबरें मिली हैं। देर रात काबुल और तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा के गढ़ कंधार में लड़ाकू विमानों की गर्जना और धमाके सुने गए।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान द्वारा सीमा उल्लंघन का नतीजा है। वहीं, अपुष्ट खबरों के अनुसार, अफगान वायु रक्षा प्रणाली ने सीमा का उल्लंघन करने वाले एक पाकिस्तानी विमान को मार गिराया है, हालांकि इस्लामाबाद ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
तीखी बयानबाजी और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस सैन्य टकराव ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक कड़वाहट को भी चरम पर पहुँचा दिया है:
हामिद करजई (पूर्व राष्ट्रपति, अफगानिस्तान): उन्होंने पाकिस्तानी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अफगान जनता अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट है।
ख्वाजा आसिफ (रक्षा मंत्री, पाकिस्तान): उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान का धैर्य अब जवाब दे चुका है। उन्होंने तालिबान पर आतंकवाद को पनाह देने और महिलाओं के अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए इसे “खुले युद्ध” की आहट बताया।
नोट: सीमावर्ती इलाकों में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों ओर से भारी सैन्य तैनाती जारी है।
















