एमपी में खाद्य प्रसंस्करण को ‘उद्योग’ का दर्जा : कृषि आधारित निवेश पर सीएम डॉ. यादव का बड़ा फैसला

इंदौर (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के क्षेत्र में देश का सिरमौर बनाने के संकल्प के साथ एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इंदौर में आयोजित ‘ग्लोबल काबुली चना कॉन्क्लेव’ में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ‘उद्योग’ का दर्जा दिया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में निवेश के नए द्वार खुलेंगे।
निवेश का नया रोडमैप और सरकारी प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश न केवल दलहन और तिलहन में अग्रणी है, बल्कि अब यहाँ कृषि आधारित उद्योगों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। सरकार ने अगले 5 वर्षों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
नियमों में सरलता: उद्योगों की स्थापना के लिए लाइसेंसिंग और अन्य प्रक्रियाओं को बेहद आसान बनाया गया है।
रियायतों की बौछार: निवेशकों को भूमि, बिजली, पानी और कर (Tax) में विशेष छूट दी जा रही है।
रोजगार सहायता: श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रति श्रमिक 5,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय मदद का प्रावधान है।
बजट में वृद्धि: राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी 5 वर्षों में प्रदेश के बजट को दोगुना करना है।
किसान और व्यापार: विकास का साझा मॉडल
डॉ. यादव ने रेखांकित किया कि चने जैसे उत्पाद न केवल पोषण का आधार हैं, बल्कि आर्थिक समृद्धि का जरिया भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए, मध्य प्रदेश सरकार किसानों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को एक ही मंच पर लाकर विकास का ‘साझा मॉडल’ विकसित कर रही है।
“हमारा लक्ष्य मध्य प्रदेश को निजी निवेश के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण का हब बनाना है। 2003 के बाद सिंचाई के क्षेत्र में जो क्रांति आई है, उसने हमारे किसानों की उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ा दिया है।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
कॉन्क्लेव की खास बातें
इस वैश्विक सम्मेलन में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों को सम्मानित भी किया और विदेशी प्रतिनिधियों के साथ राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।
















