‘लाल आतंक’ का साथ छोड़ 4 नक्सलियों ने डाले हथियार, आईजी सुंदरराज पी के सामने किया सरेंडर

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ‘लाल आतंक’ का रास्ता छोड़कर चार सक्रिय नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। इन नक्सलियों ने बस्तर आईजी सुंदरराज पी. के समक्ष अपने अत्याधुनिक हथियारों के साथ समर्पण किया।
संयुक्त प्रयास से मिली सफलता
यह कामयाबी सुकमा पुलिस और आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले की पुलिस के साझा प्रयासों का परिणाम है। शासन की “पूना मारगेम” (नई सुबह) पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर किस्टाराम एरिया कमेटी के इन सदस्यों ने हिंसा का त्याग किया। समर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों का विवरण
समर्पण करने वाले नक्सलियों में एक कमांडर और तीन सक्रिय सदस्य शामिल हैं। उनके द्वारा जमा किए गए हथियारों का विवरण नीचे दिया गया है:
नाम,पद/रैंक,इनाम राशि,जमा हथियार एवं गोला-बारूद
सोढ़ी जोगा,गोलापल्ली LOS कमांडर,”₹5,00,000″,”1 SLR राइफल, 10 राउंड”
डाबर गंगा,पार्टी सदस्य,”₹1,00,000″,”1 इंसास (INSAS) राइफल, 8 राउंड”
सोढ़ी राजे,पार्टी सदस्य,”₹1,00,000″,”1 .303 राइफल, 5 राउंड”
माड़वी बुधरी,पार्टी सदस्य,”₹1,00,000″,”1 .315 बोर राइफल, 5 राउंड”
हथियारों की बरामदगी: नक्सलियों ने सरेंडर के दौरान 1 SLR, 1 इंसास और अन्य राइफलें पुलिस को सौंपीं।
क्षेत्र: ये सभी नक्सली सुकमा के किस्टाराम और गोलापल्ली क्षेत्रों में सक्रिय थे।
भविष्य: आत्मसमर्पण करने वाले इन पूर्व नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास योजना के तहत सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
















