मध्यप्रदेश

भारत को हिंदुत्व पर गर्व है और हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरिद्वार में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ के दौरान भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद के अंतर्संबंधों पर अपने विचार साझा किए। समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की असली पहचान उसके हिंदुत्व में निहित है और यही तत्व राष्ट्र की आत्मा है।

आदि शंकराचार्य और मध्य प्रदेश का गहरा नाता

मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म के पुनरुद्धार में आदि शंकराचार्य के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की पावन धरती का शंकराचार्य जी से एक अटूट संबंध रहा है। डॉ. यादव के अनुसार, वर्तमान में सरकार और संत समाज मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सनातन की विचारधारा और परंपराएं निरंतर प्रवाहित होती रहें। उन्होंने हरिद्वार स्थित ‘भारत माता मंदिर’ की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र के लिए ऊर्जा का केंद्र बताया।

सिंहस्थ 2028 के लिए संतों को आमंत्रण

आगामी उज्जैन कुंभ (सिंहस्थ-2028) की तैयारियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार इसे भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वहां उपस्थित समस्त संत समाज को सिंहस्थ के पावन अवसर पर उज्जैन आने का सादर निमंत्रण दिया। इस दौरान जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी ने मुख्यमंत्री को सफल आयोजन हेतु अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।

विकसित भारत और सांस्कृतिक चेतना

इस गरिमामय कार्यक्रम में देश की अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी अपने विचार रखे:

मनोज सिन्हा (उप राज्यपाल, जम्मू-कश्मीर): उन्होंने देश की बढ़ती आर्थिक ताकत और बुनियादी ढांचे (हाईवे, रेलवे, जलमार्ग) में हो रहे सुधारों को संतों के आशीर्वाद और समावेशी विकास का परिणाम बताया।

आरिफ मोहम्मद खान (राज्यपाल, बिहार): उन्होंने सत्संग और प्राचीन ग्रंथों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति ने मानवता को दिव्यता से जोड़ने का काम किया है।

पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड): उन्होंने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के योगदान को याद करते हुए संतों को सनातन चेतना का जीवंत प्रतीक बताया।

पतंजलि योगपीठ में योगाभ्यास

अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि योगपीठ में योगगुरु स्वामी रामदेव के साथ योगाभ्यास भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से आज योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। डॉ. यादव ने योगपीठ की आध्यात्मिक ऊर्जा की प्रशंसा की और भारत माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की समृद्धि की कामना की।

“योग और संस्कार ही हमारे जीवन को संतुलित और ऊर्जावान बनाते हैं। हमें इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए।” – डॉ. मोहन यादव

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button