भारत-मलेशिया शिखर वार्ता : आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और भविष्य की साझा रणनीतियों पर जोर

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प को पुनः दोहराया है। रविवार को जारी एक संयुक्त वक्तव्य में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को लेकर भारत की नीति अटूट है और इसमें किसी भी प्रकार के ‘दोहरे मापदंड’ या समझौते की कोई जगह नहीं है।
सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में बढ़ता तालमेल
दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सहमति जताई। बैठक के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:
आतंकवाद पर अंकुश: टेरर फंडिंग (आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक मदद) को रोकने और नई तकनीकों के गलत इस्तेमाल के खिलाफ दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
रणनीतिक सहयोग: समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और रक्षा साझेदारी को नए आयाम देने पर जोर दिया गया।
तकनीकी विकास: एआई (AI), सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और स्वास्थ्य सेवा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र और व्यापारिक साझेदारी
प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक विकास का केंद्र बताते हुए आसियान देशों के साथ शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। वहीं, मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तीव्र प्रगति की सराहना की और निवेश, कनेक्टिविटी व व्यापार को विस्तार देने की बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रमुख उद्योगपतियों (जैसे पेट्रोनास और बरजाया कॉर्पोरेशन के प्रमुख) से भी मुलाकात की और भारतीय विकास यात्रा में उनके योगदान को सराहा।
सांस्कृतिक और भावनात्मक सेतु: तमिल और आज़ाद हिंद फौज
भारत और मलेशिया के बीच के गहरे सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तमिल भाषा दोनों देशों को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है। मलेशिया में रहने वाले लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग (जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी प्रवासी आबादी है) इस रिश्ते की नींव हैं।
एक भावुक पल तब आया जब प्रधानमंत्री ने आज़ाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से मुलाकात की। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके साथियों के बलिदान को याद करते हुए राव के अनुभवों को प्रेरणादायक बताया।
रोचक तथ्य: एमजीआर के प्रशंसक हैं इब्राहिम
द्विपक्षीय चर्चाओं के बीच एक दिलचस्प जानकारी भी साझा की गई। पीएम मोदी ने बताया कि मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम तमिल सिनेमा के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के बड़े प्रशंसक हैं। इब्राहिम द्वारा आयोजित भोज के दौरान एमजीआर की प्रसिद्ध फिल्म ‘नालै नमथे’ का गीत भी बजाया गया, जो दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और सांस्कृतिक गर्मजोशी को दर्शाता है।
















