भविष्य की जंग के लिए भारत तैयार : सेना प्रमुख ने की रॉकेट और मिसाइल फोर्स के गठन की वकालत

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के बदलते परिदृश्य को देखते हुए देश की सैन्य शक्ति में बड़े बदलावों का आह्वान किया है। सेना दिवस (15 जनवरी) से पूर्व आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध कौशल के लिए भारत को एक समर्पित ‘रॉकेट और मिसाइल फोर्स’ की तत्काल आवश्यकता है।
मिसाइल फोर्स और नई रणनीतियां
जनरल द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के पास पहले से ही इस तरह की विशेष सेनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि भारत अपनी मारक क्षमता बढ़ाने के लिए ‘पिनाका’ रॉकेट सिस्टम और ‘प्रलय’ मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों को और अधिक घातक बना रहा है। सरकार भी इस बल की आवश्यकता पर सहमत है, और अब केवल इसके प्रशासनिक नियंत्रण (सेना या रक्षा मंत्रालय) पर निर्णय होना बाकी है।
ड्रोन चुनौती और पाकिस्तान को चेतावनी
सीमा पर बढ़ते ड्रोन खतरों पर जनरल ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की सीमा पर लगभग 10,000 ड्रोन सक्रिय हैं, जिनकी संख्या भविष्य में एक लाख तक पहुँच सकती है।
टेक्नो-कमांडर्स: सेना अब ड्रोन से निपटने के लिए तकनीक में माहिर कमांडर तैयार कर रही है।
कड़ी चेतावनी: डीजीएमओ स्तर की बातचीत में पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया गया है कि ड्रोन के जरिए घुसपैठ और हथियार गिराना भारत को स्वीकार्य नहीं है।
कश्मीर में आतंकवाद पर प्रहार
कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर बात करते हुए सेना प्रमुख ने बताया कि साल 2025 में सेना ने 36 आतंकवादियों को ढेर किया, जिनमें से 65% पाकिस्तानी मूल के थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाटी में सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और तैनाती में कोई कमी नहीं की गई है।
संगठनात्मक सुधार और ‘नारी शक्ति’
सेना की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं:
इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG): सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 16 यूनिटों वाले विशेष समूहों के गठन को मंजूरी दे दी गई है।
नई ब्रिगेड: भविष्य की जरूरतों के लिए भैरव, शक्तिमान, दिव्यास्त्र और रुद्र जैसी नई ब्रिगेड बनाई जा रही हैं।
महिला अधिकारियों की भूमिका: जनरल द्विवेदी ने ‘जेंडर न्यूट्रैलिटी’ (लैंगिक तटस्थता) पर जोर देते हुए कहा कि सेना को सशक्त महिला अधिकारियों की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं को शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि सेना उन्हें हर मोर्चे पर सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है।
पड़ोसी देशों के साथ समीकरण
बांग्लादेश: बांग्लादेश द्वारा पाकिस्तान से हथियार खरीदने की खबरों पर उन्होंने कहा कि भारत पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है, हालांकि दोनों देशों के सैन्य संबंधों में कोई कड़वाहट नहीं आई है।
परमाणु धमकी: उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले की धमकियां केवल वहां के राजनेताओं द्वारा दी गई थीं, पाकिस्तानी सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर ऐसा कुछ नहीं कहा गया।
















