मध्यप्रदेश की प्रगति की नई उड़ान : खनन क्षेत्र में हासिल किया देश में प्रथम स्थान

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 की पहली कैबिनेट बैठक में प्रदेश की बड़ी उपलब्धियों का खाका पेश किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी पारदर्शी नीतियों और त्वरित निर्णयों के चलते खनन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
खनन और औद्योगिक विकास में कीर्तिमान
मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद को जानकारी दी कि वर्ष 2025 में देश भर में कुल 141 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गई, जिनमें से अकेले मध्यप्रदेश ने 32 ब्लॉकों की नीलामी कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया।
प्रमुख खनिज: चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट की सफल नीलामी से राज्य में सीमेंट और स्टील उद्योगों को नई मजबूती मिलेगी।
अमृत महोत्सव: ग्वालियर में आयोजित ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया गया, जिससे भविष्य में रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।
वर्ष 2026: ‘कृषि वर्ष’ के रूप में संकल्पित
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष को ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाया था, वहीं अब वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया गया है।
विशेष कार्यक्रम: आगामी 11 जनवरी को एक राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें साल भर का कैलेंडर जारी किया जाएगा।
किसान गौरव: इस अवसर पर 1100 ट्रैक्टरों की विशाल रैली निकाली जाएगी, जो प्रदेश की कृषि शक्ति का प्रतीक होगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश पीपीपी (PPP) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
नए मेडिकल कॉलेज: धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल आधारित मेडिकल कॉलेजों की नींव रखी जा चुकी है।
विस्तार: आगामी 23 जनवरी को कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास प्रस्तावित है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या अब 5 (वर्ष 2003) से बढ़कर 33 हो गई है।
सांस्कृतिक और सामाजिक उपलब्धियां
जबलपुर रामायण सम्मेलन: हाल ही में जबलपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन में विश्वभर के 125 विद्वानों ने हिस्सा लिया, जिसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पेसा सम्मेलन: विशाखापट्टनम में आयोजित राष्ट्रीय पेसा सम्मेलन में प्रदेश की महिला सरपंचों ने हिस्सा लिया। वहां मध्यप्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों जैसे कोदो-कुटकी और महुए के लड्डुओं ने देशभर के प्रतिनिधियों का दिल जीत लिया।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए अगले तीन वर्षों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए हैं, ताकि मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में अधिकतम योगदान दे सके।
















