इंडिगो ने बढ़ाई यात्रियों को परेशानी, 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द

नई दिल्ली (एजेंसी)। इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन संबंधी संकट के चलते देशभर के हवाई यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। बिगड़ते मौसम, कर्मचारियों की कमी (क्रू शॉर्टेज) और लगातार अस्थिर हो रहे संचालन के कारण, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) से शुक्रवार को आधी रात तक इंडिगो की सभी घरेलू प्रस्थान उड़ानों को रद्द कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ के रायपुर एयरपोर्ट पर भी स्थिति तनावपूर्ण रही, जहाँ कोलकाता और गोवा जाने वाली दो उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। सुबह से ही इंडिगो काउंटर पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं और कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें एयरलाइन से कोई भरोसेमंद या आधिकारिक जानकारी नहीं मिल रही है। दिल्ली के अलावा, कोलकाता, चेन्नई और अन्य प्रमुख शहरों में भी इंडिगो की उड़ानें या तो रद्द हुईं या उनके संचालन में भारी देरी हुई।
यात्रियों का फूटा गुस्सा और शिकायतें
उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों में गहरा आक्रोश देखा गया। काउंटर पर अव्यवस्था और सही सूचना न मिलने के कारण कई यात्रियों ने एयरलाइन स्टाफ पर जमकर गुस्सा निकाला। यात्रियों का कहना था कि:
“हमें एयरपोर्ट पहुँचने पर बताया गया कि फ्लाइट कैंसिल हो गई है। कोई वैकल्पिक उड़ान का इंतज़ाम नहीं है, न होटल की सुविधा दी जा रही है, और न ही रिफंड की प्रक्रिया स्पष्ट है।”
दिल्ली, मुंबई, इंदौर और हैदराबाद से यात्रा कर रहे यात्रियों ने भी इसी तरह की अव्यवस्था और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की शिकायतें दर्ज कराईं।
दिल्ली एयरपोर्ट द्वारा जारी एडवाइजरी
दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यह स्पष्ट किया कि 5 दिसंबर 2025 की रात 23:59 बजे तक इंडिगो की कोई भी घरेलू उड़ान दिल्ली से उड़ान नहीं भरेगी। हालांकि, अन्य सभी एयरलाइनों का संचालन पहले की तरह सामान्य रूप से जारी रहेगा। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि ज़मीनी स्तर पर टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं। जरूरत पड़ने पर यात्रियों के लिए मेडिकल सहायता टी3 और टी2 के सेल्फ मेडिकेशन रूम तथा टी1 के डिपार्चर मेडिकल सेंटर में उपलब्ध कराई गई है।
रद्द उड़ानों का सिलसिला जारी
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन होने के बावजूद, इंडिगो लगातार परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है। गुरुवार और शुक्रवार को, इंडिगो ने पूरे देश में 400 से अधिक उड़ानें रद्द कीं। अकेले दिल्ली में 200 से ज्यादा, बेंगलुरु में 100 से अधिक, और हैदराबाद में 90 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। कई हवाई अड्डों पर देरी से चलने वाली उड़ानों की संख्या भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है।
एयरलाइन की ओर से स्पष्टीकरण और माफी
इंडिगो ने इस स्थिति के लिए घना कोहरा, बढ़ती हुई यात्रा मांग (ट्रैवल डिमांड) और क्रू सदस्यों की कमी को जिम्मेदार ठहराया है। एयरलाइन ने स्वीकार किया है कि स्थिति को सामान्य होने में दो से तीन दिन का समय और लग सकता है। कंपनी 8 दिसंबर से अपनी उड़ानें कम करके (फ्लाइट ऑपरेशन्स को घटाकर) शेड्यूल को स्थिर करने की योजना बना रही है।
सरकार और डीजीसीए की सख्ती
एयरलाइन के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए, इंडिगो ने सरकार से पायलटों के रात्रि ड्यूटी और आराम से जुड़े फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों में 10 फरवरी तक छूट देने का अनुरोध किया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस अनुरोध की पुष्टि की है, लेकिन साथ ही एयरलाइन पर कड़े निर्देश भी लागू किए हैं।
डीजीसीए ने इंडिगो को निम्न उपाय करने को कहा है:
क्रू सदस्यों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
ऑपरेशन को स्थिर करने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की जाए।
शेड्यूलिंग और क्रू की उपलब्धता में सुधार पर एक रिपोर्ट हर दो सप्ताह में जमा की जाए।
एफडीटीएल नियमों में माँगी गई छूटों का पूरा और सटीक ब्योरा दिया जाए।
एयरपोर्ट पर भीड़ को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए पैसेंजर हैंडलिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी स्वयं इस पूरे हालात की समीक्षा की है। नवंबर के अंत से उड़ानें रद्द होने की संख्या में आई भारी बढ़ोतरी के बाद, सरकार एयरलाइन के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
हालात कब सुधरेंगे?
इंडिगो का दावा है कि अगले कुछ दिनों में हालात धीरे-धीरे पटरी पर आने लगेंगे। हालांकि, वर्तमान में देशभर में हजारों यात्री फंसे हुए हैं और देश की सबसे बड़ी एयरलाइन पर बढ़ा हुआ दबाव लगातार बना हुआ है।
















