रायपुर में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ : अमेरिकी नागरिकों को चूना लगाने वाले 40 जालसाज गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट को बेनकाब करते हुए तीन अवैध कॉल सेंटरों पर धावा बोला है। ये सेंटर रायपुर की आड़ में सात समंदर पार बैठे अमेरिकी नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में 40 से अधिक युवक-युवतियों को हिरासत में लिया है।
ऑपरेशन की मुख्य बातें
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तकनीकी उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया है:
स्थान: गंज थाना क्षेत्र और राजेंद्र नगर (2 सेंटर) सहित फाफाडीह इलाका।
बरामदगी: 20 लैपटॉप, 50 डेस्कटॉप और लगभग 50 स्मार्टफोन।
गिरफ्तारी: 40 से ज्यादा आरोपी, जो देश के विभिन्न राज्यों (गुजरात, राजस्थान, यूपी और बिहार) से ताल्लुक रखते हैं।
ठगी का हाई-टेक तरीका
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। जाँच में सामने आया कि:
फर्जी पहचान: आरोपी खुद को Amazon या Apple जैसी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि बताकर विदेशी नागरिकों को कॉल करते थे।
SEO का खेल: गिरोह ने इंटरनेट पर अपने फर्जी नंबरों को इस तरह ऑप्टिमाइज़ किया था कि गूगल सर्च में वे सबसे ऊपर दिखें।
झांसा: तकनीकी खराबी सुधारने, रिफंड दिलाने या कम ब्याज पर लोन देने के नाम पर लोगों को फंसाया जाता था।
वर्किंग आवर्स: अमेरिकी समय (Time Zone) के अनुसार तालमेल बिठाने के लिए ये कॉल सेंटर पूरी रात सक्रिय रहते थे।
संगठित गिरोह और नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत काम कर रहे थे। पुलिस से बचने के लिए ये लोग किसी भी शहर में स्थायी ठिकाना नहीं बनाते थे, बल्कि कुछ महीनों के लिए सेंटर खोलकर जगह बदल देते थे। यहाँ काम करने वाले कई युवाओं को 15 से 20 हजार रुपये की सैलरी पर रखा गया था।
पुलिस का बयान: “यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ है। पकड़े गए आरोपी महज मोहरे हैं, हम इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।”
















