पश्चिम की चेतावनियों के बीच ईरान का कड़ा रुख : ‘व्यापारिक स्वतंत्रता पर समझौता नहीं’

तेहरान (एजेंसी)। तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति को लेकर कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बाधित नहीं किया है, बल्कि वर्तमान अस्थिरता के पीछे पश्चिमी देशों की नीतियां जिम्मेदार हैं।
बीमा कंपनियों में युद्ध का भय
अराघची के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में जो कमी देखी जा रही है, उसका असली कारण युद्ध की आशंका से उपजा “इंश्योरेंस रिस्क” है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि शिपिंग कंपनियां क्षेत्र में आने से इसलिए कतरा रही हैं क्योंकि बीमा कंपनियां उस युद्ध से डरी हुई हैं जिसे अमेरिका और इजरायल ने भड़काया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो ईरान और न ही कोई बीमा कंपनी धमकियों से पीछे हटने वाली है।
व्यापारिक स्वतंत्रता की शर्त
ईरानी विदेश मंत्री ने दो-टूक शब्दों में कहा कि समुद्र में जहाजों के निर्बाध आवागमन की स्वतंत्रता तभी सुनिश्चित हो सकती है जब व्यापार करने की पूर्ण आजादी का सम्मान किया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इन अधिकारों की अनदेखी की गई, तो सुरक्षा और व्यापार दोनों ही प्रभावित होंगे।
ताजा सैन्य संघर्ष और वैश्विक चिंताएं
इजरायली हमले: इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने तेहरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर व्यापक हवाई हमलों की पुष्टि की है।
ईरानी जवाबी कार्रवाई: तेहरान के विभिन्न क्षेत्रों (एरिया 1, 4, 11, 13 और 21) में धमाकों की खबरें हैं। जवाब में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने सक्रिय होकर ड्रोन हमलों को विफल करने का प्रयास किया है।
ऊर्जा संकट की आहट: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के निदेशक फातिह बिरोल ने मौजूदा स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। उनके अनुसार, मध्य पूर्व का यह संकट 1970 के दशक के बड़े ऊर्जा संकटों से भी कहीं अधिक घातक साबित हो सकता है।
















