टॉप न्यूज़

ईरानी सुप्रीम लीडर का ट्रंप पर तीखा प्रहार : ‘अहंकार ही बनेगा पतन का कारण, पहलवी जैसा होगा अंजाम’

तेहरान (एजेंसी)। ईरान और अमेरिका के बीच जारी जुबानी जंग अब और भी तेज हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें एक ‘अहंकारी तानाशाह’ करार दिया है। खामेनेई ने चेतावनी दी कि जिस तरह इतिहास में अत्याचारी शासकों का अंत हुआ, वैसा ही हश्र ट्रंप का भी होगा।

इतिहास से तुलना और पतन की चेतावनी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए खामेनेई ने ट्रंप की तुलना ईरान के पूर्व शासक मोहम्मद रजा पहलवी से की। उन्होंने कहा कि जब कोई सत्ताधीश अहंकार के शिखर पर पहुँच जाता है, तो वहीं से उसके विनाश की पटकथा लिखी जाने लगती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया भर के लिए घमंड के साथ फैसले सुनाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति को यह नहीं भूलना चाहिए कि पहलवी जैसे शक्तिशाली तानाशाहों का अंत कैसा हुआ था।

अमेरिका की विदेश नीति पर उठाए सवाल

तेहरान में अपने समर्थकों के बीच खामेनेई ने वॉशिंगटन की नीतियों को ‘पाखंड’ बताया। उन्होंने लैटिन अमेरिका के देशों में अमेरिकी हस्तक्षेप का उदाहरण देते हुए कहा:

“वे खुलेआम स्वीकार करते हैं कि उनकी दिलचस्पी सिर्फ तेल में है। उन्हें इस बात की कोई शर्म नहीं है कि वे संसाधनों के लिए दूसरे देशों को अस्थिर कर रहे हैं।”

देश में जारी अशांति और प्रदर्शनों पर रुख

ईरान के भीतर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और संपत्ति के नुकसान पर दुख जताते हुए सुप्रीम लीडर ने इसके पीछे बाहरी हाथ होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग विदेशी आकाओं को खुश करने के लिए अपने ही देश को नुकसान पहुँचा रहे हैं। ट्रंप को नसीहत देते हुए खामेनेई ने कहा कि यदि वह सच में सक्षम हैं, तो पहले उन्हें अपने देश की आंतरिक समस्याओं को सुलझाना चाहिए।

सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

खामेनेई ने यह भी स्पष्ट किया कि आज का ईरान 1979 की क्रांति से पहले के ईरान की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली और हथियारों से लैस है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक बार फिर ईरान की आध्यात्मिक और सामरिक शक्ति का आकलन करने में बड़ी चूक कर रहा है।

पृष्ठभूमि: यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के अंतिम शाह के बेटे, रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और ईरान की सड़कों पर राजशाही के समर्थन में नारे लगे हैं। ट्रंप द्वारा प्रदर्शनकारियों के समर्थन में दिए गए बयानों ने इस आग में घी डालने का काम किया है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button