इस्लामाबाद धमाका : भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताकर नकारा

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत सरकार ने इस्लामाबाद की एक इमामगाह में हुए हालिया आत्मघाती हमले में अपनी संलिप्तता के पाकिस्तानी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन आरोपों को पूरी तरह से काल्पनिक और तर्कहीन करार दिया है।
विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोप न केवल आधारहीन हैं, बल्कि अपनी घरेलू विफलताओं से ध्यान भटकाने की एक कोशिश भी हैं। मंत्रालय के आधिकारिक बयान की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
संवेदना और निंदा: भारत ने इस्लामाबाद हमले की कड़ी निंदा की और निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।
आरोपों की हकीकत: विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं और सामाजिक बुराइयों का समाधान खोजने के बजाय दूसरों पर दोष मढ़ने की नीति अपना रहा है।
तर्क: भारत ने हमेशा इस तरह के “बेतुके” आरोपों को खारिज किया है और इन्हें पूरी तरह से व्यर्थ माना है।
क्या था पाकिस्तान का दावा?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले में शामिल आतंकी का संबंध अफगानिस्तान से था और इसमें भारत की मिलीभगत है। आसिफ ने यह भी दावा किया कि भारत “प्रॉक्सी वॉर” (छद्म युद्ध) का सहारा ले रहा है।
घटना का विवरण
शुक्रवार को इस्लामाबाद के तरलाई क्षेत्र स्थित इमामगाह खदीजा-तुल-कुबरा में जुमे की नमाज के दौरान एक भीषण आत्मघाती विस्फोट हुआ था। इस दुखद घटना में:
31 लोगों की जान चली गई।
169 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
यह हमला एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है, लेकिन पड़ोसी देश को अपनी समस्याओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराना बंद करना चाहिए।
















