मध्यप्रदेश

किसानों को लाभान्वित करेगी भावांतर योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य में भावांतर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारियाँ सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना की विशेषताओं का हर स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि ज़्यादा से ज़्यादा किसान इसका लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से कलेक्टर्स को संबोधित किया। उन्होंने ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अन्नदाताओं की चिंता करते हुए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹5328 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है और मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस तरह धान और गेहूँ उत्पादक किसानों को उनके परिश्रम की कीमत दिलवाई गई है, उसी तरह सोयाबीन किसानों को भी लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले और किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो, जिससे हितग्राही को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि सबके प्रयासों से भावांतर योजना पूरी तरह सफल होगी। इस वीसी में वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक, और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

भावांतर योजना: पंजीयन और अवधि

भावांतर योजना के तहत, ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।

भावांतर की अवधि: 01 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी।

पंजीकृत किसानों और उनके रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग के माध्यम से होगा।

भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे (Direct Benefit Transfer – DBT) हस्तांतरित की जाएगी।

योजना की प्रमुख बातें

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना को वर्ष 2018-19 से लागू किया गया था। इस योजना के तहत:

किसान पहले की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे।

भारत सरकार द्वारा घोषित एमएसपी और राज्य की मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के अंतर की राशि का भुगतान किसान को DBT के माध्यम से किया जाएगा।

किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

लाभ की गणना (उदाहरण के लिए):

यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य MSP (5328) से कम है, और मॉडल भाव (4600) है, तो किसान को MSP और मॉडल भाव के बीच का अंतर (5328−4600=₹728) भावांतर राशि के रूप में राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। इससे किसान को लगभग समर्थन मूल्य के बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यह योजना हर हाल में किसान का लाभ सुनिश्चित करेगी।

मुख्यमंत्री के मुख्य निर्देश

कलेक्टर और संबंधित अधिकारी किसानों के हित सुनिश्चित करें, और अधिकारियों को क्षेत्रवार ज़िम्मेदारियाँ दी जाएँ।

भावांतर योजना को लागू करने को प्राथमिकता दें।

सही दाम की नियमित ज़िला स्तरीय समीक्षा और निगरानी हो।

भावांतर योजना के प्रचार-प्रसार पर ज़ोर दें। सभी जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसमें सहयोग करें।

पात्र किसान समय पर पंजीयन करवा लें, ताकि कोई भी लाभ से वंचित न रहे।

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