अमित बघेल पर कानूनी शिकंजा और सख्त : अब तेलीबांधा और सिविल लाइन पुलिस ने भी लिया हिरासत में

रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल की कानूनी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में घिरे बघेल को अब रायपुर की तेलीबांधा और सिविल लाइन पुलिस ने भी गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि अमित बघेल पहले से ही देवेंद्र नगर पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में हैं।
अदालती कार्यवाही और तारीखें
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न समुदायों की शिकायतों के आधार पर बघेल के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं।
देवेंद्र नगर मामला: इस प्रकरण में उन्हें 31 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया जाना है।
अन्य मामले: तेलीबांधा और सिविल लाइन थानों में दर्ज शिकायतों के आधार पर उनकी अगली पेशी 12 जनवरी को तय की गई है।
विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 27 अक्टूबर को शुरू हुआ था। छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को खंडित किए जाने के विरोध में एक सभा के दौरान अमित बघेल ने कथित तौर पर महाराजा अग्रसेन और सिंधी समाज के पूजनीय भगवान झूलेलाल को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
इस बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज में भारी आक्रोश देखा गया। न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
देशव्यापी असर और दर्ज मामले
अमित बघेल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा बेहद बड़ा हो चुका है:
रायपुर में स्थिति: देवेंद्र नगर में 4, तेलीबांधा में 5 और कोतवाली थाने में 4 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर: यह मामला अब छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत देश के लगभग 12 राज्यों में उनके विरुद्ध केस दर्ज होने की सूचना है।
लगातार दर्ज हो रही एफआईआर और पुलिस की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में अमित बघेल की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
















