मध्यप्रदेश कैबिनेट अब होगी हाईटेक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों को सौंपे टैबलेट

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश सरकार ने सुशासन और तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान सभी कैबिनेट मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए। राज्य में ‘ई-कैबिनेट’ व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल का मंत्रियों ने स्वागत किया है।
पेपरलेस कार्यप्रणाली और ई-गवर्नेंस पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नई ई-कैबिनेट प्रणाली न केवल पारदर्शी है, बल्कि सुरक्षित और गोपनीय भी है। इस नवाचार के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
कहीं भी पहुँच: मंत्री अपनी सुविधानुसार किसी भी स्थान से कैबिनेट के एजेंडे और दस्तावेजों को देख सकेंगे।
समय की बचत: फाइलों के भौतिक रखरखाव और वितरण में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।
डिजिटल रिकॉर्ड: इस एप्लीकेशन के माध्यम से पूर्व की बैठकों के निर्णयों और उनके क्रियान्वयन (Compliance Report) की स्थिति को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण: पेपरलेस व्यवस्था होने से कागज की बर्बादी रुकेगी, जो पर्यावरण की दृष्टि से एक सराहनीय कदम है।
डिजिटल भविष्य की ओर कदम
बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि शासन ने वर्ष 1960 से अब तक के सभी कैबिनेट निर्णयों को डिजिटल स्वरूप दे दिया है। पिछले दो वर्षों के महत्वपूर्ण निर्णयों को तो अब मात्र एक क्लिक के जरिए देखा जा सकता है।
शुरुआती चरण में मंत्रियों को एजेंडा भौतिक (कागज) और डिजिटल दोनों रूपों में उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन जल्द ही पूरी प्रक्रिया को शत-प्रतिशत डिजिटल कर दिया जाएगा। बैठक के समापन पर सभी मंत्रियों को टैबलेट के तकनीकी संचालन और ई-कैबिनेट ऐप के उपयोग के संबंध में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया गया।
















