मध्यप्रदेश बनेगा कृषि-शक्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया ‘देश का भाग्य विधाता’

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को दतिया जिले के भांडेर में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में प्रदेश की प्रगति का नया रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने में मध्यप्रदेश के किसान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 62.23 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया।
प्रमुख घोषणाएं और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी दी:
यशोदा योजना: इसी शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों के बच्चों को पोषण के लिए दूध के पैकेट वितरित किए जाएंगे।
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना: दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 25 गायों की इकाई स्थापित करने पर 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। लक्ष्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% करना है।
कस्टम हायरिंग सेंटर: छोटे किसानों को किराए पर आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में ‘कृषि यंत्रों की दुकान’ खुलेगी।
गेहूं और सरसों पर लाभ: किसानों को गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है, जिसे भविष्य में 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाने का लक्ष्य है। अब सरसों को भी ‘भावांतर भुगतान योजना’ के दायरे में लाया गया है।
खेतों में नई तकनीक और ‘नरवाई’ प्रबंधन
डॉ. यादव ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में पराली (नरवाई) न जलाएं। सरकार इसके लिए हैप्पी सीडर जैसी मशीनें उपलब्ध करा रही है, जिससे किसान भूसा बनाकर उसे गौशालाओं में बेच सकें। इससे न केवल पर्यावरण बचेगा, बल्कि किसानों को गेहूं के साथ-साथ भूसे से भी अतिरिक्त कमाई होगी।
“किसान अपनी मेहनत से सबका पेट भरते हैं। हमारी सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाकर और केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड के किसानों का पलायन स्थायी रूप से रोकने के लिए संकल्पित है।”
— मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
धार्मिक और सांस्कृतिक संरक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। गांवों में ‘वृंदावन ग्राम’ और शहरों में ‘गीता भवन’ बनाए जा रहे हैं। साथ ही, डॉ. अंबेडकर के तीर्थ स्थल के प्रथम चरण का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
भावुक क्षण: जब किसान के खेत पहुंचे मुख्यमंत्री
सम्मेलन के दौरान एक अनूठा दृश्य तब दिखा जब मुख्यमंत्री अचानक भांडेर के एक किसान के खेत में पहुँच गए और वहां स्ट्रॉ रीपर (भूसा बनाने वाली मशीन) की सवारी की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर किसान भावुक हो गया और उनकी तुलना ‘शबरी के राम’ से कर दी।
प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर कृषि और पशुपालन विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया, जहाँ आधुनिक कृषि यंत्रों, प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (श्री अन्न) को बढ़ावा देने वाली तकनीकों का प्रदर्शन किया गया था।
















