सर्दी में त्वचा की चमक के लिए ‘हल्दी’ का जादुई लेप

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। हल्दी को सिर्फ रसोई के मसाले तक सीमित न समझें; आयुर्वेद में हल्दी (हरिद्रा) को एक शक्तिशाली औषधि माना गया है जो सदियों से शरीर के रोगों और संक्रमणों से लड़ने में सहायक रही है। यह न केवल शरीर को आंतरिक रूप से विषमुक्त करती है और रक्त को शुद्ध रखती है, बल्कि त्वचा के लिए यह ‘हाइड्रा फेशियल’ जैसा काम करती है। यह त्वचा की गहराई तक जाकर सूजन, रूखापन और हानिकारक बैक्टीरिया के प्रभाव को समाप्त करती है।
आयुर्वेद के अनुसार, हल्दी कफ और पित्त दोषों को संतुलित करती है, जिससे शरीर अंदर से रोग मुक्त होता है। यह घावों को भरने में भी सहायक है। विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में, जब त्वचा शुष्क और बेजान होने लगती है, तो हल्दी के कुछ आयुर्वेदिक लेप आपकी त्वचा की नमी और प्राकृतिक चमक को वापस लाने में मदद कर सकते हैं।
हल्दी के चार खास आयुर्वेदिक लेप जो त्वचा को देंगे नई जान
यहाँ हल्दी के कुछ ऐसे आयुर्वेदिक फेस पैक दिए गए हैं जो आपकी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हैं:
- हल्दी का पारंपरिक उबटन (ग्लो और एक्सफोलिएशन के लिए)
सामग्री: हल्दी पाउडर, बेसन (चना आटा), दही, चंदन पाउडर और कुछ बूँदें सरसों का तेल।
विधि: सभी सामग्री को मिलाकर एक गाढ़ा मिश्रण तैयार करें। चेहरे को साफ करके इस लेप को लगाएं।
लाभ: यह उबटन चेहरे पर तुरंत निखार (ग्लो) लाता है। यह मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाकर दाग-धब्बों को कम करता है और त्वचा को एक्सफोलिएट करता है।
उपयोग: लेप सूखने के बाद गुनगुने पानी से धो लें और नमी बनाए रखने के लिए मॉइस्चराइज़र लगाएं।
- हल्दी और दूध/घी का लेप (अत्यधिक रूखेपन और खुजली के लिए)
सामग्री: हल्दी पाउडर और कच्चा दूध या देशी घी।
विधि: हल्दी को दूध या घी के साथ मिलाकर एक चिकना पेस्ट बनाएं।
लाभ: यह लेप रूखी त्वचा की मरम्मत करता है और खुजली को शांत करता है। दूध या घी त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखने में मदद करता है।
उपयोग: अगर आपकी त्वचा बहुत ज़्यादा सूखी है, तो इसे हफ्ते में तीन बार तक इस्तेमाल कर सकते हैं।
- हल्दी और नीम का लेप (मुंहासे और संक्रमण के लिए)
सामग्री: हल्दी पाउडर और नीम के पत्तों का पाउडर (जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है)।
विधि: दोनों को बराबर मात्रा में पानी या गुलाब जल के साथ मिलाएं।
लाभ: हल्दी और नीम दोनों ही एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होते हैं। यह लेप चेहरे पर निकले मुंहासों और घावों को भरने में मदद करता है और त्वचा के संक्रमण को फैलने से रोकता है।
- हल्दी और चावल के मांड का लेप (कसावट और चमक के लिए)
सामग्री: हल्दी पाउडर और चावल का मांड (उबले हुए चावल का गाढ़ा पानी)।
विधि: मांड के ठंडा होने पर उसमें हल्दी मिलाकर लेप तैयार करें।
लाभ: यह लेप त्वचा को कोमल बनाता है और रोम छिद्रों को अंदर से साफ करता है। यह त्वचा में कसावट लाने का काम करता है, जिससे त्वचा की चमक कई गुना बढ़ जाती है। (प्राचीन भारतीय चिकित्सा में मांड को पहले ही औषधि माना गया है, जिसका उपयोग अब कोरियन ट्रीटमेंट में भी देखा जाता है)।
















