ईरान में बड़ा सत्ता परिवर्तन : खामेनेई की पत्नी का निधन, अयातुल्ला अराफी ने संभाली कमान

तेहरान (एजेंसी)। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद अब उनकी पत्नी, मंसूरेह खोजस्तेह बाघेरजादेह के निधन की भी पुष्टि हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, वह अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हालिया हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि सर्वोच्च नेता खामेनेई भी शनिवार को इन्हीं हमलों का शिकार हुए थे।
हमलों में परिवार के कई सदस्यों की जान गई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों का निशाना ईरान के रणनीतिक सैन्य और सुरक्षा ठिकाने थे। इस सैन्य कार्रवाई में केवल खामेनेई ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए हैं, जिनमें उनकी बेटी, दामाद और पोती शामिल हैं। तेहरान सिटी काउंसिल के सदस्यों ने भी परिवार में हुई इन मौतों की पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम को ईरान में सत्ता परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
सुप्रीम लीडर और उनके परिवार की मौत ने ईरान के भीतर नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है। ईरानी अधिकारियों ने इस हमले को ‘शहादत’ करार देते हुए पहले ही चेतावनी दी है कि वे देश पर हुए इस प्रहार का कड़ा बदला लेंगे। इस घटना के बाद पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया है।
अयातुल्ला अराफी बने अंतरिम सर्वोच्च नेता
सत्ता के खालीपन को भरने के लिए ईरान ने अपने संवैधानिक प्रावधानों के तहत कदम उठाए हैं। अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफी को देश का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। वह तब तक इस पद की शक्तियों का उपयोग करेंगे जब तक कि किसी स्थायी उत्तराधिकारी का चयन नहीं हो जाता।
अंतरिम नेतृत्व परिषद का गठन:
ईरानी संविधान के अनुसार, एक तीन सदस्यीय परिषद वर्तमान में देश के मामलों की देखरेख कर रही है, जिसमें शामिल हैं:
मसूद पेजेशकियन (राष्ट्रपति)
गुलाम-होसैन मोहसेनी-एजेई (मुख्य न्यायाधीश)
अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफी (गार्जियन काउंसिल के प्रतिनिधि)
यह परिषद ईरान के इस कठिन संक्रमण काल (Transition Period) में शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए उत्तरदायी है।
















