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ध्यान राष्ट्र के शाश्वत ज्ञान का आध्यात्मिक आधार : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत के उपराष्ट्रपति, श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने गुरुग्राम में स्थित ब्रह्म कुमारी के ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओएसआरसी) के रजत जयंती वर्ष समारोह का उद्घाटन किया।

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और बताया कि यह केंद्र, जिसे 24 साल पहले ब्रह्म कुमारी के आध्यात्मिक दृष्टिकोण से स्थापित किया गया था, अब अपनी सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इस केंद्र की ओर आकर्षित होने वाले विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों—जैसे वैज्ञानिक, डॉक्टर, प्रशासक और राजनेता—की उपस्थिति की सराहना की, जो यहां शांति और ध्यान का संदेश प्राप्त करने आते हैं। उन्होंने ब्रह्म कुमारी को दुनिया के सबसे बड़े महिला-नेतृत्व वाले आध्यात्मिक संगठन के रूप में विकसित होने के लिए बधाई दी।

भारत की समृद्ध आध्यात्मिक धरोहर

उपराष्ट्रपति ने आध्यात्मिकता, ध्यान और आंतरिक जागृति में निहित भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत पर बल दिया। उन्होंने उन संतों, ऋषियों और मुनियों के गहरे योगदान को याद किया जिनकी तपस्या और गहन ध्यान साधना ने भारत के शाश्वत ज्ञान को एक आकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजयोग और विपश्यना जैसी परंपराएं यह दर्शाती हैं कि सच्ची शक्ति और स्पष्टता हमारे भीतर से ही उत्पन्न होती है।

विकसित भारत @2047 की परिकल्पना

सी.पी. राधाकृष्णन ने इस आध्यात्मिक विरासत को आगे ले जाने और देश-विदेश के लाखों लोगों को मन की शांति और पवित्रता की ओर मार्गदर्शन करने के लिए ब्रह्म कुमारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अमृत काल में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने विकसित भारत @2047 की परिकल्पना की है, जहां आर्थिक प्रगति, आंतरिक स्थिरता, प्रसन्नता और शांति एक-दूसरे के पूरक हों। उन्होंने सुझाव दिया कि आज के तेज-रफ़्तार जीवन में ध्यान को एक अत्यावश्यक जीवन कौशल के रूप में अपनाया जाना चाहिए।

पर्यावरणीय और सामाजिक योगदान

उपराष्ट्रपति ने ओम शांति रिट्रीट सेंटर की पर्यावरण स्थिरता के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की पहल मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के साथ तालमेल बिठाता है, जो लोगों को जागरूक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने केंद्र की हरित पहलों की सराहना की, जिनमें 1 मेगावाट का हाइब्रिड सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन, बायोगैस और सीवेज शोधन संयंत्र, हरित रसोई, पौध नर्सरी और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, उपराष्ट्रपति ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान तथा सभी क्षेत्रों में कर्मयोग को बढ़ावा देने वाली अन्य सामाजिक पहलों में ब्रह्म कुमारी के योगदान की सराहना की। उन्होंने हाल ही में लखनऊ में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा ब्रह्म कुमारी के वार्षिक अभियान ‘विश्व एकता और विश्वास के लिए राजयोग ध्यान’ के उद्घाटन का उल्लेख किया और विश्वास जताया कि यह रजत जयंती वर्ष सेवा के नए आयाम खोलेगा, सामाजिक भागीदारी को गहरा करेगा और आध्यात्मिक पहुंच का विस्तार करेगा।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर हरियाणा सरकार के पर्यावरण एवं वन तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह और ब्रह्म कुमारी के अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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