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मध्य पूर्व संकट : सुरक्षित निकला भारतीय तेल टैंकर ‘जग लाड़की’, कच्चे तेल के साथ वतन वापसी

नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध के हालातों के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। भारतीय ध्वज वाला विशाल तेल टैंकर, ‘जग लाड़की’, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा बंदरगाह से सुरक्षित निकल चुका है और कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है।

हमले के बीच सफल रहा ऑपरेशन

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह जहाज उस समय फुजैरा के टर्मिनल पर लोडिंग कर रहा था जब वहां हमला हुआ। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद, जहाज ने सफलतापूर्वक लगभग 80,800 टन ‘मुर्बन’ कच्चा तेल लोड किया और भारतीय समयानुसार आज सुबह 10:30 बजे अपनी यात्रा शुरू की। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी भारतीय चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

प्रमुख घटनाक्रम और जहाजों की स्थिति

युद्ध प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित निकलने वाले जहाजों का विवरण इस प्रकार है:

जहाज का नाम,प्रकार,स्थिति / गंतव्य

जग लाड़की,कच्चा तेल टैंकर,UAE से भारत के लिए रवाना
शिवालिक,LPG वाहक,16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह (गुजरात) पहुँचेगा
नंदा देवी,LPG वाहक,17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुँचेगा
जग प्रकाश,पेट्रोल टैंकर,ओमान से तंजानिया की ओर अग्रसर

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की चुनौती

मौजूदा संघर्ष के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए ‘लाइफलाइन’ माना जाता है। भारत के लिए इन जहाजों का सुरक्षित निकलना सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है।

विशेष नोट: वर्तमान में फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में भारत के 22 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक तैनात हैं। सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार अलर्ट पर है।

ऊर्जा सुरक्षा और सरकार की रणनीति

भारत अपनी आवश्यकता का लगभग 88% कच्चा तेल और 60% LPG आयात करता है। खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव पड़ा है। स्थिति को संभालने के लिए:

भारत ने रूस जैसे वैकल्पिक देशों से तेल का आयात बढ़ाया है।

जहाजरानी महानिदेशालय (DGS) 24×7 नियंत्रण कक्ष के जरिए स्थिति की निगरानी कर रहा है।

अब तक लगभग 276 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की जा चुकी है।

सरकार भारतीय दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर हर पल का अपडेट ले रही है ताकि समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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