आधुनिक तकनीक से निखरेगी ग्रामीण सड़कों की सूरत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों के विकास के लिए सड़क निर्माण में वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक तकनीक का समावेश अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों और बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
तकनीक और गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों के निर्माण और उनकी निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाए। उन्होंने ‘सिपरी’ (SIPRI) सॉफ्टवेयर की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल डीपीआर तैयार करने में सहायक है, बल्कि पुल-पुलियों की सटीक आवश्यकता का आकलन करने में भी सक्षम है।
जियो-इंवेंट्री: सड़कों के चयन में दोहराव से बचने के लिए ‘रिम्स पोर्टल’ के माध्यम से पुरानी सड़कों की जियो-टैगिंग की जा रही है।
सर्वे प्रोग्रेस: अब तक लक्ष्य की 33,655 सड़कों में से 17,437 सड़कों का सर्वे पूरा हो चुका है। रतलाम, जबलपुर और पन्ना जैसे जिले इस कार्य में सबसे आगे हैं।
परियोजना का विस्तार और बजट
प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार 1,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
लक्ष्य: 100 से अधिक आबादी वाले मजरों-टोलों और सांदीपनि स्कूलों को मुख्य सड़कों से जोड़ना।
वित्तीय शक्ति: प्रत्येक जनपद पंचायत को 3 करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति देने का अधिकार दिया गया है।
दोहरी कनेक्टिविटी: गांवों और पंचायतों को एक से अधिक मार्गों से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रशिक्षण और पारदर्शिता
परियोजना को प्रभावी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं:
राज्य स्तर पर 2100 से अधिक तकनीकी कर्मचारियों और इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को भी निर्माण की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है।
निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए जिला और राज्य स्तर पर डैशबोर्ड तैयार किए गए हैं।
जल संरक्षण पर विशेष निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की साप्ताहिक समीक्षा करने और ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान में जन-भागीदारी बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
इस बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कों का निर्माण मनरेगा (वीबी-जी-राम-जी योजना) के समन्वय से किया जाएगा, जिससे ग्रामीण रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को गति मिलेगी।
















