बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बड़वानी/भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। सोमवार को जुलवानिया में आयोजित ऐतिहासिक भगोरिया उत्सव में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए आधुनिक सब्जी मंडी और 50 एकड़ में फैले ‘आदर्श बीज उत्पादन केंद्र’ की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
सांस्कृतिक धरोहर: राजकीय गरिमा के साथ भगोरिया का उल्लास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगोरिया को प्रकृति और मानवीय उल्लास का संगम बताया। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति की विशिष्टता को देखते हुए ही राज्य सरकार ने इसे राजकीय पर्व का दर्जा दिया है। उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और मांदल की थाप पर जनजातीय कलाकारों के साथ थिरकते नजर आए।
“भगोरिया केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी जड़ों और लोक संस्कृति की जीवंत पहचान है। इसे संरक्षित करना हमारी प्राथमिकता है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
खेती और बुनियादी ढांचे के लिए बड़े निर्णय
क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
कृषि विकास: बड़वानी में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएंगी। साथ ही, खेतिया कृषि उपज मंडी को ‘आदर्श मंडी’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
सिंचाई परियोजनाएं: पानसेमल और वरला में माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
सड़क कनेक्टिविटी: आवागमन सुगम करने के लिए पलसूद और ओझर में बायपास का निर्माण होगा। साथ ही शहीद खाज्या नायक स्मारक तक पहुँच मार्ग और दीवानी से जोगवाड़ा के बीच नई सड़क बनाई जाएगी।
प्रशिक्षण: प्राकृतिक खेती को विस्तार देने के लिए 25 स्थानीय किसानों को ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में अन्य राज्यों में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
आर्थिक संबल और सामाजिक समरसता
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ मना रही है, जिसके तहत 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का खाका तैयार किया गया है। उन्होंने सोयाबीन किसानों के लिए 1,500 करोड़ रुपये के भावांतर भुगतान और लाड़ली बहनों को दी जा रही मासिक सहायता का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने संत सिंगाजी और भीलट देव की इस पावन धरा से प्रदेशवासियों को आगामी होली के त्यौहार की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
















