टेक्सटाइल सेक्टर में एमपी की उड़ान : गुवाहाटी सम्मेलन में सीएम डॉ. यादव ने पेश किया ‘उज्जैन’ का प्रस्ताव

भोपाल (एजेंसी)। असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित ‘राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन’ में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की औद्योगिक प्रगति और टेक्सटाइल क्षेत्र में बढ़ते निवेश का रोडमैप साझा किया। “भारत का वस्त्र उद्योग: विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना” विषय पर केंद्रित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्र पार्क की तीव्र प्रगति के लिए मध्य प्रदेश सरकार की खुले दिल से सराहना की।
मध्य प्रदेश: परंपरा और आधुनिकता का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आज अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने मध्य प्रदेश के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया:
ऐतिहासिक विरासत: प्रदेश में अहिल्याबाई होल्कर के समय से ही चंदेरी और महेश्वरी सिल्क को संरक्षण देने की परंपरा रही है।
रोजगार पर जोर: कृषि के बाद वस्त्र उद्योग ही सर्वाधिक रोजगार सृजित करता है। प्रदेश में महिलाओं को स्पिनिंग और लूम कार्य से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
नवाचार और निवेश: राज्य के खरगोन और बुधनी जैसे क्षेत्रों में आर्गेनिक कॉटन और टेक्निकल टेक्सटाइल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले 15 वर्षों में इस क्षेत्र में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है।
उज्जैन में अगले सम्मेलन का निमंत्रण
डॉ. यादव ने प्रस्ताव रखा कि आगामी जुलाई 2026 में होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन की मेजबानी मध्य प्रदेश करने के लिए तैयार है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, जो ऐतिहासिक रूप से वस्त्र उद्योग का केंद्र रही है, इस आयोजन के लिए सबसे उपयुक्त स्थान होगा।
केंद्रीय मंत्री ने थपथपाई मध्य प्रदेश की पीठ
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर के विकास की गति प्रेरणादायक है। उन्होंने धार जिले के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पीएम मित्र पार्कों में होने वाला 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश भविष्य में लाखों परिवारों की आय का जरिया बनेगा।
प्रमुख घोषणाएं एवं सुझाव:
न्यू एज फाइबर: केंद्र सरकार अब अलसी (लिनन) और मदार (मिल्क बिल्ट) जैसे प्राकृतिक रेशों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
निर्यात में वृद्धि: भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9% की उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है।
इको-सिस्टम: राज्यों को टेक्निकल टेक्सटाइल और मशीन-मेड फाइबर के बीच संतुलन बनाकर एक मजबूत इको-सिस्टम तैयार करने की आवश्यकता है।
भविष्य की राह: विकास और निर्यात
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। सम्मेलन के दौरान ‘इंडिया टेक्सटाइल एटलस स्टेट कॉम्पेंडियम- 2025’ का विमोचन भी किया गया।
इस आयोजन में असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय राज्यमंत्री श्री पवित्रा मार्गरेटा सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जो भारत को वस्त्र निर्माण का वैश्विक हब बनाने के साझा संकल्प को दर्शाता है।
















