मध्यप्रदेश

नेपानगर बनेगा मध्य प्रदेश की समृद्धि का नया प्रवेश द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

बुरहानपुर (नेपानगर) (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेपानगर को प्रदेश के विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया है। रविवार को जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र को ₹363.82 करोड़ की लागत वाली 127 विकास परियोजनाओं की सौगात दी।

प्रमुख घोषणाएँ और विकास के नए आयाम

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के कायाकल्प के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं:

नेपा मिल का संरक्षण: क्षेत्र की पहचान ‘नेपा पेपर मिल’ को निरंतर चलाने के लिए सरकार ठोस प्रबंधन करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार स्वयं मिल से कागज खरीदेगी ताकि श्रमिकों का रोजगार सुरक्षित रहे।

कृषि और शिक्षा: बुरहानपुर के शासकीय महाविद्यालय में अब कृषि संकाय (Agriculture Faculty) की पढ़ाई शुरू होगी। साथ ही, निमाड़ क्षेत्र में जल्द ही एक रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा।

सिंचाई क्रांति: झिरमिट्टी और नावथा सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ₹2,599 करोड़ की इन योजनाओं से 132 गाँवों के लगभग 34,400 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा और 51,800 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

पर्यटन और संस्कृति: ऐतिहासिक असीरगढ़ के किले को एक भव्य पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, नेपानगर में डॉ. हेडगेवार स्मृति उद्यान का निर्माण होगा।

स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर: धूलकोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा। ताप्ती नदी पर एक नया उच्च स्तरीय पुल बनाया जाएगा और सड़कों का चौड़ीकरण होगा।

जनजातीय कल्याण को प्राथमिकता

डॉ. यादव ने रेखांकित किया कि जनजातीय समाज का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

“नए बजट (2026-27) में जनजातीय विकास के लिए 26% की वृद्धि करते हुए ₹47,428 करोड़ का प्रावधान किया गया है।”

वनाधिकार पट्टों पर बड़ा निर्णय: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वनवासियों को दिए गए वनाधिकार पट्टों को अब राजस्व विभाग की संपत्ति रजिस्ट्री के रूप में बदला जाएगा। खास बात यह है कि इसकी रजिस्ट्री का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके लिए क्षेत्र में दोबारा सर्वे भी कराया जाएगा।

कार्यक्रम की झलकियाँ

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि राज्य की सिंचाई क्षमता को 2029 तक 100 लाख हेक्टेयर तक पहुँचाने का लक्ष्य है।

कार्यक्रम में कन्या पूजन और भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शुभारंभ किया गया।

विधायक सुश्री मंजू राजेंद्र दादू ने मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक तीर-कमान भेंट कर किया।

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