मध्यप्रदेश में सुशासन का नया संकल्प : पारदर्शिता और समयबद्धता पर मुख्यमंत्री का जोर

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए भविष्य का रोडमैप साझा किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही ही सुशासन का आधार होगी।
- सरकारी कामकाज में अनुशासन: सुबह 10 बजे से उपस्थिति अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने शासकीय कार्यप्रणाली में सुधार हेतु महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चूँकि प्रदेश में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था लागू है, इसलिए कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए समय का पालन करना अनिवार्य है।
सभी शासकीय कार्यालयों में प्रातः 10 बजे कार्य प्रारंभ सुनिश्चित किया जाए।
उपस्थिति की निगरानी के लिए बायोमेट्रिक और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
- वर्ष 2026: ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनेगा
राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित किया है। डॉ. यादव ने ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ का नारा देते हुए बताया कि यह केवल एक विभाग का कार्य नहीं होगा, बल्कि कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, जल संसाधन और ऊर्जा सहित 15 से अधिक विभाग मिलकर एक साझा अभियान चलाएंगे।
- ‘संकल्प से समाधान’ अभियान: 12 जनवरी से शुरुआत
आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
लक्ष्य: 106 प्रमुख हितग्राही योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना।
प्रक्रिया: 12 जनवरी से घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे, जिसके बाद क्लस्टर, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिविर लगाकर 31 मार्च तक सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
- विकास का दीर्घकालिक विज़न
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल तात्कालिक नहीं, बल्कि आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजना और 3 वर्षों के बजट अनुमान पर कार्य करें। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने और सड़कों, अस्पतालों व सिंचाई परियोजनाओं के दस्तावेजीकरण पर बल दिया।
- उपलब्धियों की सराहना और सामाजिक सुधार का आह्वान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले वर्षों में आईटी, जल संसाधन, उद्योग और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुए उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सामाजिक बिंदुओं पर भी ध्यान आकर्षित किया:
सुरक्षा: नक्सल उन्मूलन में पुलिस की भूमिका और वन विभाग के कार्यों को सराहा।
सामाजिक सुधार: मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को रोकने और विवाहों में फिजूलखर्ची कम करने के लिए जन-जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया।
प्राकृतिक खेती: गायत्री परिवार जैसी संस्थाओं के सहयोग से प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इस बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
















