भारत की चेतावनी से बौखलाया पाकिस्तान : राजनाथ सिंह के बयान पर ख्वाजा आसिफ का पलटवार

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। पहलगाम आतंकी हमले और भारत के जवाबी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली बरसी से ठीक पहले, दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दिए जाने के बाद, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जवाबी प्रतिक्रिया दी है।
राजनाथ सिंह का सख्त संदेश: “ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ”
केरल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ईरान युद्ध की स्थिति का फायदा उठाकर किसी भी दुस्साहस से बचना चाहिए। राजनाथ सिंह ने पिछले साल की सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा:
ऐतिहासिक कार्रवाई: 7 मई, 2025 को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने महज 22 मिनट में पाकिस्तान को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया था।
अभूतपूर्व जवाब: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान ने दोबारा कोई हिमाकत की, तो भारत का जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर और निर्णायक होगा।
पृष्ठभूमि: यह ऑपरेशन 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा 25 पर्यटकों की हत्या के जवाब में चलाया गया था।
ख्वाजा आसिफ की प्रतिक्रिया: रणनीतिक चिंता या खोखली धमकी?
राजनाथ सिंह के बयान के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने भारतीय नेतृत्व के बयानों को ‘राजनीतिक लाभ के लिए तनाव बढ़ाने की कोशिश’ करार दिया। आसिफ ने कहा:
“इस तरह की बयानबाजी भारत की ताकत नहीं, बल्कि उसकी रणनीतिक घबराहट को दर्शाती है। पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और भविष्य में किसी भी सैन्य टकराव का जवाब और भी अधिक ताकत के साथ दिया जाएगा।”
फ्लैशबैक: क्या था 2025 का सैन्य संघर्ष?
पिछले साल पहलगाम हमले के बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। उस दौरान हुई सैन्य कार्रवाई के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
आतंकी ठिकानों पर प्रहार: भारत ने पाकिस्तान और PoK में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था।
हवाई वर्चस्व: पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के विफल होने के बाद, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 12 एयरबेस पर भीषण बमबारी की थी।
आर्थिक और कूटनीतिक चोट: भारत ने दशकों पुराने सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया, जिससे पाकिस्तान की घेराबंदी और मजबूत हो गई।
युद्धविराम: 10 मई, 2025 को पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम की अपील के बाद संघर्ष थमा था। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के कई एयरबेस आज भी मरम्मत के दौर से गुजर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे पहलगाम हमले की बरसी नजदीक आ रही है, पाकिस्तान की बौखलाहट उसकी आंतरिक अस्थिरता और पुराने जख्मों का नतीजा है।
















