ममता बनर्जी का गृह मंत्री पर पलटवार : ‘अगर घुसपैठ सिर्फ बंगाल में है, तो दिल्ली-पहलगाम में हमले कैसे हुए?’

कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। बांकुरा के बरजोरा में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा राज्य का विकास नहीं, बल्कि उसे बर्बाद करना चाहती है।
सुरक्षा और घुसपैठ पर तीखे सवाल
अमित शाह द्वारा बंगाल सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने के आरोपों को खारिज करते हुए ममता बनर्जी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा:
यदि केंद्र का यह दावा सही है कि घुसपैठ सिर्फ पश्चिम बंगाल की सीमाओं से हो रही है, तो पहलगाम और दिल्ली जैसे सुरक्षित क्षेत्रों में आतंकी घटनाएं और धमाके कैसे संभव हुए?
क्या इन घटनाओं के लिए भी राज्य सरकार जिम्मेदार है या यह केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की विफलता है?
‘जमीन विवाद’ पर केंद्र को घेरा
गृह मंत्री के उस आरोप पर कि राज्य सरकार केंद्रीय परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करा रही है, मुख्यमंत्री ने कई उदाहरण पेश किए। उन्होंने कहा कि पेट्रापोल, आंदल हवाई अड्डे, रेलवे ट्रैक और ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ECL) के कार्यों के लिए जमीन राज्य सरकार ने ही आवंटित की है। उन्होंने सवाल किया कि यदि जमीन नहीं दी गई, तो इन क्षेत्रों में विकास कार्य कैसे चल रहे हैं?
चुनावी दावों और मतदाता सूची पर प्रहार
भाजपा के आगामी विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के दावों पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने कहा:
पिछले दावों की याद: उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार भी भाजपा ने ‘200 पार’ का नारा दिया था, जो विफल रहा।
मतदाता सूची में गड़बड़ी: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के नाम पर अल्पसंख्यकों, हिंदुओं और मतुआ समुदाय के वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
व्यक्तिगत हमला: उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जन्म स्थान (बीरभूम) के बावजूद उन्हें ‘बांग्लादेशी’ तक कहा गया, जो राजनीति के गिरते स्तर को दर्शाता है।
















