UAE ने अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर लगाई पाबंदी

नई दिल्ली (एजेंसी)। ईरान और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। क्षेत्रीय सुरक्षा और अपनी संप्रभुता का हवाला देते हुए, यूएई ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपनी जमीन, जल सीमा या हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं देगा।
यूएई का रुख: संप्रभुता और क्षेत्रीय शांति को प्राथमिकता
सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपनी तटस्थता स्पष्ट की। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और वह किसी भी ऐसे सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा जो पड़ोसी देश ईरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण माना जाए। जानकारों का मानना है कि यह कदम खाड़ी क्षेत्र में सीधे युद्ध की स्थिति को टालने और ईरान के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को संतुलित करने की एक कोशिश है।
अमेरिका की सैन्य तैयारी और ट्रंप की चेतावनी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ कड़े सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने तीन विध्वंसक युद्धपोतों के साथ पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) पहुँच चुका है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस बेड़े की तैनाती का उद्देश्य ‘क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा’ बनाए रखना है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयानों ने युद्ध की आशंकाओं को हवा दी है। उन्होंने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि हालांकि वे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अमेरिकी बेड़ा ‘संभावित उपयोग’ के लिए पूरी तरह तैयार है।
तनाव की मुख्य वजह
ईरान के भीतर चल रहे आंतरिक विद्रोह और प्रदर्शनकारियों पर सरकार की सख्त कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल गरमा दिया है। अमेरिका इन प्रदर्शनों के समर्थन में ईरान पर दबाव बनाने के लिए सैन्य प्रदर्शन का सहारा ले रहा है। वहीं, यूएई के इस ताजा फैसले ने पेंटागन की सैन्य योजनाओं के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि इससे क्षेत्र में अमेरिकी ऑपरेशन्स की लॉजिस्टिक क्षमता सीमित हो सकती है।
















