चुनाव सुधारों पर अमित शाह के वक्तव्य की प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों से जुड़े विषय पर चर्चा में हिस्सा लिया और इस दौरान कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों की नीतियों पर तीखी आलोचना की। उन्होंने ‘विशेष पहचान पत्र’ (SIR) के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया और दृढ़ता से कहा कि अवैध घुसपैठियों को देश में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अमित शाह ने विपक्षी दलों के विरोध का मूल कारण बताते हुए कहा कि उनका विरोध इसलिए है क्योंकि वे अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखना चाहते हैं। गृह मंत्री के इस दमदार भाषण की अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण को बताया ‘उत्कृष्ट’
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए प्रभावशाली वक्तव्य की प्रधानमंत्री मोदी ने सराहना की है। प्रधानमंत्री ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर टिप्पणी करते हुए लिखा, “गृह मंत्री अमित शाह का भाषण उत्कृष्ट था। उन्होंने ठोस तथ्यों के साथ हमारी चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं और हमारे लोकतंत्र की शक्ति को उजागर किया। साथ ही, उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का पर्दाफाश भी किया।”
अमित शाह: “एक भी घुसपैठिये को देश में नहीं रहने देंगे”
बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान, अमित शाह ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों और SIR पर उठाए गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारी नीति घुसपैठियों को ढूंढने, मतदाता सूची से उनके नाम हटाने और उन्हें देश से बाहर निकालने की है। इसके विपरीत, कांग्रेस और विपक्ष की नीति उन्हें मान्यता देकर वोटर लिस्ट में शामिल करने की है।” उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार किसी भी एक घुसपैठिये को देश में रहने नहीं देगी।
विपक्ष की हार का असली कारण: नेतृत्व
अमित शाह ने बिहार चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए और ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ निकाली, इसके बावजूद राज्य में NDA की सरकार दो-तिहाई बहुमत से बनी।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि चुनाव न जीतने पर विपक्ष, चुनाव आयोग, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को बदनाम करने का प्रयास करता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस की लगातार हार का कारण उनकी कमजोर लीडरशिप है, न कि ईवीएम (EVM) या मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी।
















