पीएम-राहत योजना : सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक कवच

नई दिल्ली (एजेंसी)। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी 2026 को PM-RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना की शुरुआत की गई है। आपको बता दें कि इस योजना को पहले CTRAV के नाम से जाना जाता था।
योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य दुर्घटना के शुरुआती महत्वपूर्ण समय, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, में पीड़ित को बिना किसी देरी के चिकित्सा सहायता पहुँचाना है। योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
कैशलेस इलाज: पात्र व्यक्ति को दुर्घटना के दिन से अगले 7 दिनों तक मुफ्त उपचार की सुविधा मिलेगी।
वित्तीय सीमा: इलाज के लिए ₹1.5 लाख तक की राशि का प्रावधान किया गया है।
त्वरित भुगतान: अस्पतालों द्वारा किए गए दावों का निपटान 10 दिनों के भीतर मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के जरिए किया जाएगा।
तकनीक और क्रियान्वयन
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के अनुसार, यदि घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाया जाए, तो लगभग 50% मौतों को टाला जा सकता है। इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया गया है:
डिजिटल एकीकरण: यह योजना MoRTH के eDAR प्लेटफॉर्म और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के TMS 2.0 सिस्टम के तालमेल से काम करेगी।
पारदर्शिता: दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज होने से लेकर अस्पताल के बिलों के भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और समयबद्ध होगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन की कमी के कारण किसी भी व्यक्ति को आपातकालीन चिकित्सा से वंचित न रहना पड़े। यह योजना भारतीय सड़कों को सुरक्षित बनाने और मानवीय जीवन को प्राथमिकता देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
















