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ऊर्जा सुरक्षा और अफवाहों पर प्रधानमंत्री का कड़ा रुख : ‘देशहित सर्वोपरि’

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की ऊर्जा स्थिति, विशेषकर रसोई गैस (LPG) को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ‘एनएक्सटी समिट’ (NXT Summit) के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व जनता के बीच डर का माहौल पैदा कर रहे हैं, जो न केवल अनैतिक है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और स्थिरता के लिए भी हानिकारक है।

अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी

प्रधानमंत्री ने कहा कि एलपीजी की उपलब्धता को लेकर पैनिक (दहशत) पैदा करने की कोशिश करने वाले लोग अपने एजेंडे के लिए देश का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को सचेत करते हुए कहा कि संकट की आड़ में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाएगी। पीएम के अनुसार, ऐसे लोग जनता के सामने अपनी विश्वसनीयता खो रहे हैं।

वैश्विक संकट और भारत की रणनीति

पश्चिम एशिया (Middle East) के वर्तमान हालातों पर चर्चा करते हुए मोदी ने स्वीकार किया कि वैश्विक संघर्षों का असर हर देश पर पड़ता है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि:

ऊर्जा सुरक्षा: सरकार भारत की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सामूहिक जिम्मेदारी: इस संकटपूर्ण समय में राजनीतिक दलों, मीडिया और युवाओं सहित समाज के हर वर्ग को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए।

भारत का बढ़ता कद: कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद, दुनिया भारत को उम्मीद की नजर से देख रही है।

“यदि आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत के विकास के साथ जुड़ना ही होगा।” — प्रधानमंत्री मोदी

विकसित भारत का लक्ष्य

संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत का एकमात्र लक्ष्य ‘विकसित भारत’ का निर्माण है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी भारत की प्रगति की गति स्थिर और तेज है, जिससे यह विश्व के लिए निवेश और विकास का प्रमुख केंद्र बन गया है।

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