भक्ति और गौ-सेवा से ही समाज में आएगा सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को इंदौर के ग्राम चित्तौड़ा में प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर महाराज द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया, बल्कि समाज में नैतिकता और समरसता के महत्व पर भी अपने विचार साझा किए।
सत्संग और सदाचार का महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा और सत्संग केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये समाज में नैतिकता, सदाचार और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आध्यात्मिक शांति की महत्ता बताते हुए कहा:
“मनुष्य को जो परम संतोष और आत्मिक तृप्ति भगवान की भक्ति और सत्संग से प्राप्त होती है, वह संसार के भौतिक सुख-साधनों या छप्पन भोग में भी संभव नहीं है।”
गौ-सेवा और मध्य प्रदेश का संकल्प
मुख्यमंत्री ने संत श्री कमल किशोर नागर जी द्वारा गौ-सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराज जी ने समाज को केवल प्रवचन ही नहीं दिए, बल्कि सेवा और संस्कारों का जीवंत मार्ग भी दिखाया है।
मॉडल राज्य का लक्ष्य: डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य को ‘गौ-सेवा का मॉडल स्टेट’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौशाला विकास: प्रदेश में गौशालाओं के विस्तार और उनके सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
संस्कृति और जल संरक्षण का संगम
मुख्यमंत्री ने सनातन परंपराओं और आगामी सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने शिप्रा नदी के शुद्धिकरण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जल केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का आधार है। उन्होंने आने वाले सिंहस्थ को भव्य और ऐतिहासिक बनाने का अपना संकल्प दोहराया।
धर्म और नीति का समन्वय
इस अवसर पर संत श्री कमल किशोर नागर जी ने मुख्यमंत्री की सादगी की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब कोई शासक नीति और धर्म के मार्ग पर चलता है, तभी प्रजा का वास्तविक कल्याण होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा आम नागरिकों के बीच जमीन पर बैठकर कथा सुनने के सहज व्यवहार को उनकी विनम्रता का प्रतीक बताया।
उपस्थिति: इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंत्री सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के हर गाँव-शहर में गीता भवन बनाए जा रहे हैं और शिप्रा-नर्मदा के अविरल प्रवाह के लिए तेजी से कार्य हो रहा है।
















