छत्तीसगढ़

अबूझमाड़ के रेकावाया शिविर में जनसमस्याओं का त्वरित समाधान : 197 मामलों का मौके पर ही निपटारा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जन-सामान्य की शिकायतों के जल्द से जल्द निवारण के लिए ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के ग्राम रेकावाया (जनपद पंचायत ओरछा) में एक विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीणों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कुल 407 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से संवेदनशीलता दिखाते हुए 197 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। शेष बचे 210 आवेदनों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है।

प्रशासनिक टीम की अनूठी पहल: एक ही बस में पहुंचे सभी अधिकारी

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता जिला प्रशासन का पर्यावरण-अनुकूल और मितव्ययी दृष्टिकोण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ईंधन संरक्षण के संदेश को अपनाते हुए, सभी जिला स्तरीय अधिकारी अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही बस में सवार होकर शिविर स्थल पहुंचे। संसाधनों की बचत और टीम भावना की इस नई पहल की स्थानीय लोगों द्वारा काफी प्रशंसा की जा रही है।

कलेक्टर के अनुसार, इस अभियान का मुख्य ध्येय अबूझमाड़ जैसे बेहद दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों तक सीधे शासन की सेवाएं पहुंचाना है, ताकि उन्हें अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े।

विभिन्न विभागों को मिले आवेदनों का लेखा-जोखा

शिविर में सबसे अधिक सक्रियता स्वास्थ्य विभाग की रही, जिसने सभी 150 आवेदनों का तुरंत निपटारा किया। प्राप्त आवेदनों का विभागवार विवरण इस प्रकार है:

विभाग / योजना,प्राप्त आवेदन संख्या,स्थिति

स्वास्थ्य विभाग,150,शत-प्रतिशत त्वरित निराकरण एवं जांच
पंचायत एवं ग्रामीण विकास,100,प्रक्रियाधीन / निराकरण हेतु अग्रसारित
राशन कार्ड संबंधी,44,प्रक्रियाधीन / निराकरण हेतु अग्रसारित
पीएम किसान योजना,40,प्रक्रियाधीन / निराकरण हेतु अग्रसारित
पहचान पत्र व शासकीय दस्तावेज,24,प्रक्रियाधीन / निराकरण हेतु अग्रसारित
श्रम विभाग,23,प्रक्रियाधीन / निराकरण हेतु अग्रसारित

इलाज के साथ गूंजी किलकारियां: उत्सव जैसा रहा माहौल

यह शिविर केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहाँ एक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। वहीं, मेडिकल टीम ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें मुफ्त दवाइयाँ भी बांटीं।

एकल खिड़की व्यवस्था से ग्रामीणों के चेहरे खिले

एक ही पंडाल के नीचे तमाम सरकारी विभागों को देखकर ग्रामीण बेहद खुश नजर आए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और लेबर कार्ड बनवाने की आसान प्रक्रियाओं की जानकारी दी। गौरतलब है कि पूरे छत्तीसगढ़ में 1 मई से 10 जून 2026 तक ‘सुशासन तिहार’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका सीधा फायदा राज्य के अंतिम छोर पर बसे नागरिकों को मिल रहा है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button