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वैश्विक बाजारों में मंदी की लहर : क्या भारतीय शेयर बाजार भी होगा प्रभावित?

नई दिल्ली (एजेंसी)। नया कारोबारी सप्ताह निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत लेकर आया है। सोमवार की सुबह एशियाई बाजारों में जोरदार बिकवाली का माहौल देखा गया, जिसने दुनिया भर के वित्तीय गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग जैसे प्रमुख बाजारों में आई इस बड़ी गिरावट के बाद अब सबकी निगाहें भारतीय शेयर बाजार (दलाल स्ट्रीट) पर टिकी हैं।

एशियाई और वैश्विक बाजारों का हाल

सोमवार को बाजार खुलते ही एशियाई इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों पर नज़र डालें तो स्थिति कुछ इस प्रकार है:

जापान (Nikkei): लगभग 4.10% की गिरावट के साथ 50,800 के स्तर के करीब।

दक्षिण कोरिया (KOSPI): 5% से अधिक की बड़ी गिरावट के साथ 5,409 के स्तर पर।

हांगकांग (Hang Seng): करीब 3% टूटकर 24,532 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

सिर्फ एशिया ही नहीं, यूरोपीय बाजार (DAX, CAC, और FTSE) भी 1.5% से 2% तक की कमजोरी के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में डाउ जोंस में करीब 1% की गिरावट देखी गई थी, जिसका नकारात्मक असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है।

भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत

भारतीय बाजार के भविष्य का संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी लाल निशान में देखा गया। यह करीब 50 अंकों की गिरावट के साथ 23,737 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो इस बात का संकेत है कि घरेलू बाजार में भी शुरुआती दबाव रह सकता है।

पिछले सप्ताह का प्रदर्शन

रोचक बात यह है कि इस वैश्विक मंदी से ठीक पहले शुक्रवार को भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई थी:

सेंसेक्स: 325.72 अंक उछलकर 74,532.96 पर बंद हुआ था।

निफ्टी: 112.35 अंकों की बढ़त के साथ 23,114.50 के स्तर पर टिका था।

सतर्कता है जरूरी: वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को संभलकर कदम उठाने की जरूरत है। बाजार में किसी भी बड़े निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना उचित रहेगा।

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