मध्यप्रदेश के सड़क नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव : सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होगा राजमार्गों का जाल

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति को नई गति देने के लिए दिल्ली में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुए इस संवाद में प्रदेश के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
सिंहस्थ 2028: समय सीमा और गुणवत्ता पर जोर
केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ 2028 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए सुरक्षित और सुगम कनेक्टिविटी अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस आयोजन से जुड़ी सभी सड़क परियोजनाएं दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने विकास के साथ पर्यावरण के संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई कम से कम हो और आधुनिक तकनीक से ट्री ट्रांसप्लांट को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्य बिंदु: बैठक के प्रमुख निर्णय
ब्लैक स्पॉट सुधार: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
टोल सड़कों की स्थिति: श्री गडकरी ने चेतावनी दी कि टोल वसूलने वाली सड़कों की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा। मानकों का पालन न करने वाले ऑपरेटरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अटल प्रोग्रेस-वे: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि यह एक्सप्रेस-वे चंबल क्षेत्र के लिए ‘लाइफलाइन’ बनेगा, जो राजस्थान और उत्तर प्रदेश से व्यापारिक संबंधों को मजबूती देगा।
मध्यप्रदेश में सड़क परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति
राज्य में कनेक्टिविटी की मजबूती के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है।
परियोजना का विवरण,वर्तमान स्थिति
कुल राष्ट्रीय राजमार्ग लंबाई,”9,300 किलोमीटर से अधिक”
NHAI के तहत सक्रिय प्रोजेक्ट,33 परियोजनाएं
MoRTH-PWD के तहत प्रोजेक्ट,28 परियोजनाएं
लंबित परियोजनाओं की स्थिति,कोई भी प्रोजेक्ट 3 साल से अधिक लंबित नहीं
विकास की नई इबारत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच यह ‘मंथन’ प्रदेश के औद्योगिक और पर्यटन विकास की आधारशिला बनेगा। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की स्वीकृतियों जैसी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने भी माना कि इन परियोजनाओं से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने आश्वस्त किया कि राज्य प्रशासन हर महीने इन कार्यों की समीक्षा कर रहा है ताकि सभी निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और समय पर पूरे हों।
















