मध्यप्रदेश

सनातन चेतना और अटूट विश्वास का केंद्र है सोमनाथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन (मुक्ताकाश परिसर) में आयोजित ‘सोमनाथ ज्योतिर्लिंग रुद्र पूजा’ एवं ‘मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन’ कार्यक्रम में शिरकत की। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था और भोपाल उत्सव मेला द्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक समागम में मुख्यमंत्री ने शिव भक्ति और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला।

पुनर्जागरण का प्रतीक: डॉ. यादव ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास हमारे आत्मबल और पुनर्जागरण की गाथा है। बार-बार आक्रमणों का सामना करने के बावजूद इस मंदिर का पुनर्निर्माण इस बात का प्रमाण है कि हमारी आस्था को कोई मिटा नहीं सकता। यह स्थल हमारी अविनाशी श्रद्धा का प्रतीक है।

मध्यप्रदेश का सौभाग्य: मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश अत्यंत सौभाग्यशाली है जहाँ भगवान महाकाल और ममलेश्वर के रूप में दो ज्योतिर्लिंग विराजमान हैं। उन्होंने भोपाल में मूल सोमनाथ के दर्शन लाभ मिलने को भी एक पावन अवसर बताया।

सनातन की शाश्वत शक्ति: उन्होंने जोर देकर कहा कि जहाँ विश्व की कई अन्य संस्कृतियाँ आंतरिक संकटों से जूझ रही हैं, वहीं भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के भाव के साथ पूरे विश्व के कल्याण की कामना करती है। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा सोमनाथ के पुनरुद्धार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर की स्थापना को सांस्कृतिक गौरव के मील के पत्थर बताया।

आध्यात्मिक स्वास्थ्य: मुख्यमंत्री ने श्री श्री रविशंकर जी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा सिखाई गई ‘सुदर्शन क्रिया’ ने लाखों लोगों को तनाव और अवसाद से मुक्ति दिलाकर जीवन को नई दिशा दी है।

इस गरिमामय अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी सहित अन्य सामाजिक और राजनीतिक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से रुद्र पूजन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति के लिए मंगल कामना की।

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