मध्यप्रदेश

गेहूँ खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधाओं का रखा जाए विशेष ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में 9 अप्रैल से शुरू हो रही गेहूँ खरीदी को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री निवास से स्वयंसेवी संस्थाओं और किसानों के साथ वर्चुअल संवाद करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम

मुख्यमंत्री ने बताया कि उपार्जन की पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम और केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, ताकि किसानों की समस्याओं का तत्काल निराकरण हो सके।

प्रमुख बिंदु और नई पहल:

बुनियादी सुविधाएँ: सभी कलेक्टरों और एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि केंद्रों पर पीने के पानी और बैठने के लिए छायादार स्थानों की पुख्ता व्यवस्था हो।

सामाजिक भागीदारी: मुख्यमंत्री ने सामाजिक और सेवाभावी संस्थाओं (जैसे सेवा भारती) से अपील की है कि वे भी इस व्यापक अभियान में प्रशासन का सहयोग करें।

किसान कल्याण वर्ष 2026: राज्य सरकार इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। उपार्जन केंद्रों पर होर्डिंग्स और पंपलेट्स के जरिए किसानों को सरकार की विभिन्न हितग्राही योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

उचित मूल्य का लक्ष्य: डॉ. यादव ने दोहराया कि सरकार गेहूँ के दाम को 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। वर्तमान में बारदाने की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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