मध्यप्रदेश में स्टार्टअप क्रांति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में ‘लॉन्चपैड इनोवेशन सेंटर’ का किया उद्घाटन

भोपाल/इंदौर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख उद्यमिता केंद्र (Entrepreneurship Hub) बनाने की दिशा में रविवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क में अत्याधुनिक ‘लॉन्चपैड इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहन देकर वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को स्टार्टअप के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी।
तकनीकी प्रगति और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान युग में ‘ज्ञान ही सबसे बड़ी पूंजी’ है। उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी खोजने के बजाय, तकनीक अपनाकर ‘रोजगार प्रदाता’ बनने का आह्वान किया। सरकार की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया:
भोपाल: यहाँ प्रदेश की पहली नॉलेज और एआई (AI) सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
उज्जैन: इसे अत्याधुनिक साइंस सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इंदौर, भोपाल और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में जोड़ा और विकसित किया जाएगा।
क्या है ‘लॉन्चपैड सेंटर’ की खासियत?
यह केंद्र आईआईटी इंदौर (IITI Drishti CPS) और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के साझा प्रयासों का परिणाम है।
क्षेत्रफल: लगभग 10,000 वर्ग फुट में फैला यह सेंटर दो हिस्सों में विभाजित है—5,000 वर्ग फुट में को-वर्किंग स्पेस और शेष 5,000 वर्ग फुट में आधुनिक प्रयोगशालाएं।
सुविधाएं: यहाँ एआई (AI), रोबोटिक्स, डिजिटल हेल्थकेयर और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइपिंग और टेस्टिंग की सुविधा मिलेगी।
लक्ष्य: आगामी 7 वर्षों में 100 नए स्टार्टअप्स को तैयार करना और प्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों रोजगार के अवसर पैदा करना।
युवा उद्यमियों से संवाद और प्रोत्साहन
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने वहां प्रदर्शित अत्याधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया और स्टार्टअप संस्थापकों से बातचीत की। उन्होंने एग्रीटेक, हेल्थटेक और ग्रीन इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। डॉ. यादव ने आईटी कंपनियों के प्रमुखों से भी चर्चा की और उनसे स्थानीय प्रतिभाओं को अधिक से अधिक अवसर देने का आग्रह किया।
“भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश अपनी स्टार्टअप पॉलिसी और बेहतरीन इन्क्यूबेशन नेटवर्क के माध्यम से इस विकास यात्रा में मुख्य भूमिका निभाएगा।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
















