होर्मुज जलडमरूमध्य संकट : भारतीय ईंधन जहाजों को मिली ईरान से हरी झंडी, नौसेना तैनात

नई दिल्ली (एजेंसी)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ी राहत की खबर आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी गतिरोध के बावजूद, भारत के महत्वपूर्ण ईंधन जहाज सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
राहत की खबर: LPG और कच्चे तेल की आपूर्ति शुरू
देश में ईंधन की संभावित किल्लत को दूर करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब से तीन महत्वपूर्ण टैंकर भारत के लिए रवाना हो चुके हैं:
पाइन गैस और जग वसंत: ये दोनों भारतीय ध्वज वाले LPG कैरियर सोमवार सुबह UAE के बंदरगाहों से निकले हैं। इनमें कुल 92,000 टन एलपीजी लदी है।
MT Kallista: यह कच्चा तेल (Crude Oil) लेकर सऊदी अरब के यान्बू बंदरगाह से पारादीप (ओडिशा) के लिए रवाना होने वाला है।
संभावित आगमन तिथि:
जहाज का नाम | गंतव्य बंदरगाह | पहुंचने की उम्मीद |
जग वसंत | कांडला | 26 मार्च |
पाइन गैस | न्यू मैंगलोर | 28 मार्च |
भारतीय नौसेना की सुरक्षा कवच
शिपिंग संकट की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने अपना ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा रद्द कर दिया है। नौसेना ने ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी में अपने कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक (Destroyers) तैनात किए हैं। ये युद्धपोत भारतीय जहाजों को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं ताकि युद्ध क्षेत्र के पास उनकी यात्रा निर्बाध रहे।
विशेष नोट: भारत ने स्पष्ट किया है कि उसने अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ईरान को किसी भी प्रकार का ‘गुजरने का शुल्क’ या अतिरिक्त फीस नहीं दी है। ईरानी दूतावास ने भी वसूली की खबरों का खंडन किया है।
क्षेत्र में वर्तमान स्थिति
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण फारस की खाड़ी में लगभग 500 टैंकर फंसे हुए हैं। इनमें कच्चे तेल, रसायनों और अन्य उत्पादों के टैंकर शामिल हैं। हालांकि, ईरान अब सत्यापन के बाद चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दे रहा है, जिसमें भारतीय जहाजों को प्राथमिकता मिली है।
केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार जहाजों के कप्तानों के संपर्क में हैं, जिससे चालक दल का मनोबल बना रहे और देश में ऊर्जा की आपूर्ति बाधित न हो।
















