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वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत की ‘ग्रोथ’ रणनीति : बजट 2026 से सुधारों को मिलेगी नई ऊंचाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। दुनियाभर में बढ़ते अमेरिकी टैरिफ और अस्थिर भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत अपनी आर्थिक नींव को और मजबूत करने की तैयारी में है। आगामी 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब अपना रिकॉर्ड 9वां बजट पेश करेंगी, तो उनका मुख्य फोकस ‘आक्रामक सुधार’ और ‘तेज विकास’ पर होगा। इस बजट का उद्देश्य भारत को वैश्विक अनिश्चितताओं से सुरक्षित रखते हुए एक भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट हब के रूप में पेश करना है।

प्रमुख रणनीतिक पहल और नए फंड

सूत्रों के मुताबिक, सरकार ‘इंडिया डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटेजिक फंड’ का ऐलान कर सकती है। यह फंड मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों की सूरत बदलेगा:

हरित ऊर्जा (Green Energy): सस्टेनेबल भविष्य के लिए निवेश।

MSME सेक्टर: छोटे उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना।

युवा कौशल: रोजगार के नए अवसर पैदा करना।

सुधारों के दम पर बढ़ता निवेश

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में आर्थिक सुधारों के सकारात्मक नतीजे धरातल पर दिखने लगे हैं। पिछले एक साल के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं:

FDI में उछाल: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 73% की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे देश में 47 अरब डॉलर का निवेश आया।

मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात: PLI स्कीम की सफलता से उत्पादन और निर्यात में 20% की बढ़ोतरी हुई है।

इलेक्ट्रॉनिक्स का कमाल: इस क्षेत्र ने 37% की लंबी छलांग लगाते हुए 4.15 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसमें अकेले स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर से अधिक रहा।

बाजारों का विविधीकरण और व्यापार सुगमता

अमेरिका पर अपनी निर्यात निर्भरता को कम करने के लिए भारत अब आक्रामक तरीके से नए बाजारों की तलाश कर रहा है।

मुक्त व्यापार समझौते (FTA): भारत अब तक 27 देशों के साथ संधि कर चुका है और इस साल एक दर्जन अन्य देशों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निवेश: सरकार 150 लाख करोड़ रुपये की ‘इन्फ्रा पाइपलाइन’ को गति देना जारी रखेगी।

डिजिटलीकरण कोष: व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल (Ease of Doing Business) बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का कोष बनाया जा सकता है, जो कागजी बाधाओं को खत्म करेगा।

बजट 2026 के चार मुख्य स्तंभ

रणनीतिक कोष,स्वच्छ ऊर्जा और युवाओं के कौशल विकास के लिए विशेष फंडिंग।
डिजिटल इकोसिस्टम,व्यापारिक प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए समर्पित फंड।
ग्लोबल मार्केट,टैरिफ वॉर के बीच नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाना।
नवाचार (R&D),तकनीक और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए 10 नए उन्नत केंद्रों की स्थापना।

निष्कर्ष: नया बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग को टैक्स राहत, नए श्रम कानूनों और एफडीआई नियमों में ढील के जरिए ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को नई गति देने वाला रोडमैप साबित होगा।

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