केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड में विकास की नई धारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री ने की लांच नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा, शाहगढ़ में बनेगा सिविल अस्पताल, बंडा में बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौशाला खोलने पर 10 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा। हर जनपद पंचायत क्षेत्र में बनाए जाएंगे वृंदावन ग्राम और गीता भवन। मुख्यमंत्री ने बंडा में नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का किया लोकार्पण और 50 करोड़ रुपये से अधिक के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
जल और कृषि के लिए बड़ी पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा, जिससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि न बेचने और कृषि को समृद्ध बनाने का आग्रह किया, क्योंकि आने वाला समय कृषि के लिए बहुत लाभकारी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में खेती के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में नंबर वन बनाने के लिए राज्य सरकार गौशाला खोलने पर अनुदान दे रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 25 गायों के साथ गौशाला खोलने पर ₹40 लाख की लागत में से ₹10 लाख तक का अनुदान मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिया जा रहा है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर जिले की तहसील बंडा में ₹31 करोड़ की लागत से बने नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह भवन अद्भुत और सर्वसुविधा युक्त है और यह गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप है।
समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री ने ₹50.65 करोड़ के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसके साथ ही, उन्होंने लांच नदी परियोजना की स्वीकृति, शाहगढ़ में सिविल अस्पताल, बंडा में सर्वसुविधा युक्त स्टेडियम, सिविल अस्पताल, पोस्टमार्टम हाउस, तथा राखसी, चकेरी और विनेयका में भवनविहीन स्कूलों के लिए भवन निर्माण की घोषणा भी की।
सांस्कृतिक और शैक्षिक विकास
मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा को देश की मजबूती का आधार बताया और कहा कि मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उच्च-गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने को संकल्पित है।
गीता जयंती उत्सव: उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में 01 दिसंबर से प्रदेशव्यापी गीता जयंती उत्सव मनाया जाएगा।
गीता भवन और वृन्दावन ग्राम: प्रदेश सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं, और सभी जिलों के प्रत्येक जनपद पंचायत में वृंदावन ग्राम एवं गीता भवन बनाए जाएंगे।
कृषि और पर्यटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड शीघ्र ही कृषि के क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ देगा। उन्होंने किसानों के हित में लागू भावांतर योजना का उल्लेख किया और कहा कि इसके क्रियान्वयन के लिए वित्तीय साधन आड़े नहीं आएंगे।
तीर्थ स्थलों का विकास: भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन सहित उन स्थानों को तीर्थ स्थल बनाने का निर्णय लिया गया है, जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े।
पर्यटन को बढ़ावा: बुंदेलखंड की धरती को शौर्य की भूमि बताते हुए, मुख्यमंत्री ने छतरपुर और पन्ना के मध्य पर्यटन विकास के लिए होटल ओबेरॉय के माध्यम से उठाए गए महत्वपूर्ण कदम की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री बने शिक्षक: विद्यार्थियों को दिए टिप्स
सांदीपनि विद्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर शिक्षक की भूमिका निभाई और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई-लिखाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा।
भविष्य के नायक: उन्होंने कहा कि देश के सुनहरे भविष्य के लिए अच्छे किसान, अच्छे सैनिक, अच्छे नेता, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक चाहिए।
सफलता के मंत्र: उन्होंने बच्चों को समय प्रबंधन, नियमित व्यायाम, डिजिटल दुनिया के सही उपयोग के टिप्स दिए।
नैतिक शिक्षा: उन्होंने विद्यार्थियों को मित्रता का सम्मान करने और श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मैत्री से सीख लेने की समझाइश दी।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान और अवलोकन
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने शहीद श्री राजेश यादव के पिता और क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता को भी सम्मानित किया।
उन्होंने जैविक खेती की सराहना की और किसानों से पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर एवं सुपर सीडर का उपयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बंडा वृहद सिंचाई परियोजना सहित विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों द्वारा बनाए गए मिलेट से बने खाद्य सामग्री का स्वाद भी चखा।
















