छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि : ग्रामीण आवास निर्माण में बना देश का अग्रणी राज्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में, राज्य ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवासों का निर्माण पूरा कर लिया है। यह संख्या इस साल पूरे देश में किसी भी राज्य द्वारा किए गए आवास निर्माण में सबसे अधिक है।
आवास योजनाओं का सफल समन्वय
राज्य की यह सफलता तीन प्रमुख योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है:
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G): इसके तहत 5.87 लाख मकान बनाए गए।
प्रधानमंत्री जनमन योजना: विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के लिए 13 हजार आवास पूर्ण हुए।
मुख्यमंत्री आवास योजना: इसके माध्यम से 10 हजार से ज्यादा परिवारों को छत मिली।
सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख आवासों की मंजूरी देकर ‘सबको आवास’ के संकल्प की नींव रखी थी। वर्तमान में सर्वे सूची के सभी पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ लिया गया है।
आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसर
आवास निर्माण ने न केवल रहने की जगह दी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की है:
लखपति दीदी: ‘डीलर दीदी’ मॉडल के जरिए 9 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों ने निर्माण सामग्री की आपूर्ति कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है।
कौशल विकास: राज्य में 6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें 1200 ‘रानी मिस्त्री’ (महिला राजमिस्त्री) शामिल हैं।
मुख्यधारा से जुड़ाव: आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को भी इस काम से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक आजीविका दी गई है।
पारदर्शिता और त्वरित समाधान
प्रशासनिक कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई नवाचार किए हैं:
आवास दिवस: हर महीने की 7 तारीख को ग्राम पंचायतों में ‘आवास दिवस’ मनाया जाता है ताकि जमीनी स्तर पर समस्याओं को सुलझाया जा सके।
हेल्पलाइन: शिकायतों और सुझावों के लिए टोल-फ्री नंबर 18002331290 जारी किया गया है, जिसके माध्यम से बीते 10 महीनों में प्राप्त 1500 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया।
डिजिटल पहुंच: पंचायतों में QR कोड आधारित सूचना प्रणाली लागू की गई है, जिससे हितग्राही आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब केवल ईंट-पत्थर के मकान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, रोजगार और समावेशी विकास का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।
















