तमिलनाडु चुनाव 2026 : सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और DMK में फंसा पेंच

तमिलनाडु (एजेंसी)। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सत्ताधारी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) के भीतर खींचतान शुरू हो गई है। मुख्य खींचतान सीटों के संख्याबल को लेकर है, जहाँ कांग्रेस और द्रमुक (DMK) के बीच फिलहाल सहमति बनती नहीं दिख रही है।
प्रमुख विवाद: मांग बनाम प्रस्ताव
गठबंधन के दोनों बड़े दलों के बीच सीटों का गणित कुछ इस प्रकार उलझा हुआ है:
कांग्रेस की मांग: पार्टी इस बार 45 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है।
DMK का रुख: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK केवल 25 सीटें देने के पक्ष में है।
कांग्रेस के दावे का आधार
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि 2021 के चुनाव परिणामों के विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि उनकी स्थिति अब राज्य में और मजबूत हुई है।
सफलता की दर: कांग्रेस का मानना है कि जिन 40 सीटों पर पिछली बार गठबंधन को हार मिली थी, उनमें से कम से कम 20 सीटों पर कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
रणनीतिक बढ़त: पार्टी सूत्रों के अनुसार, 45 सीटों की मांग केवल संख्या बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि अन्नाद्रमुक (AIADMK) और भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में गठबंधन को मजबूती देने के लिए है।
बैठकों का दौर और वर्तमान स्थिति
सीटों के इस गतिरोध को सुलझाने के लिए चेन्नई में उच्च स्तरीय बैठकों का सिलसिला जारी है। हाल ही में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की।
वर्तमान स्थिति: हालांकि चर्चा सकारात्मक रही है, लेकिन अभी तक किसी अंतिम आंकड़े पर मुहर नहीं लग पाई है। DMK अपने अन्य सहयोगियों, जैसे कि मुस्लिम लीग (IUML), के साथ भी तालमेल बिठाने में जुटी है।
अप्रैल-मई में होने वाले इन चुनावों के लिए आने वाले कुछ दिन गठबंधन के भविष्य और एकजुटता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
















