छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड अब संभालेगा बुनियादी ढांचे की कमान, गृह निर्माण के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नया रायपुर के सर्किट हाउस में ‘छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल’ के नए लोगो (Logo) का अनावरण किया। इस नए प्रतीक चिन्ह को तैयार करने वाले अंशुल कश्यप को मुख्यमंत्री ने बधाई देते हुए ढाई लाख रुपए की पुरस्कार राशि का चेक सौंपा। इसी कार्यक्रम के दौरान ‘आवास मेला 2025’ के तहत घर बुक करने वाले खरीदारों के लिए लकी ड्रॉ निकाला गया, जिसमें विजेताओं को कार, स्कूटी, टीवी और फ्रिज जैसे कई उपहार बांटे गए। सारंगढ़ की पूजा बरेठ को मुख्य इनाम के तौर पर कार मिली।
अब केवल घर ही नहीं, बुनियादी ढांचा भी बनाएगा मंडल
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हर परिवार का अपना पक्का घर होना एक बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने साफ किया कि हाउसिंग बोर्ड का दायरा अब सिर्फ मकान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह विभाग प्रदेश में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
पिछले दो सालों के भीतर इस मंडल ने अपनी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार किया है। घाटे और चुनौतियों से बाहर निकलते हुए विभाग ने करीब 7,388 संपत्तियों को बेचकर 1,532 करोड़ रुपए का बड़ा राजस्व जुटाया है।
पीएम आवास योजना और सुशासन पर जोर
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि:
गरीबों को मकान: पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी दी गई थी। अब तक 10.5 लाख से ज्यादा परिवारों के घर बन चुके हैं और हर दिन लगभग 1,600 नए मकान तैयार हो रहे हैं।
विशेष राहत: आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र से 15 हजार अतिरिक्त पीएम आवास स्वीकृत कराए गए हैं। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी अलग से आवास योजनाएं चल रही हैं।
डिजिटल सुशासन: ‘सेवा सेतु’ ऐप के जरिए 450 से अधिक सरकारी सेवाएं अब सीधे मोबाइल पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा लोग ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076’ पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
सस्ती और मुफ्त बिजली: प्रदेश के 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी से आने वाले समय में इन परिवारों की बिजली मुफ्त हो जाएगी और वे बची हुई बिजली ग्रिड को बेच सकेंगे। बकाया बिलों के निपटारे के लिए सरचार्ज माफी के साथ एक विशेष योजना भी शुरू की गई है।
आर्थिक सुधार और भविष्य की रणनीति
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विभाग के कामकाज के तरीकों में बड़े बदलाव किए गए हैं। पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) करने वाले विभागों को मजबूत बनाया जा रहा है ताकि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार दी जा सके।
घाटे से बचने के लिए अब सरकार ने एक नई नीति अपनाई है— “पहले बुकिंग, फिर निर्माण”। यानी अब किसी भी नई आवासीय परियोजना का काम तभी शुरू होगा जब उसके लिए पर्याप्त खरीदार मिल जाएंगे। इसके अलावा वर्षों से अटकी संपत्तियों को बेचने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना लाई गई, जिससे विभाग की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।
मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने भी कहा कि इस नए बदलाव और कार्य संस्कृति से विभाग अब मांग के आधार पर, बेहतर गुणवत्ता और आर्थिक रूप से सुरक्षित परियोजनाओं पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करेगा।
















