बस्तर में नक्सलवाद का ढहता किला : पापा राव समेत 18 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

बस्तर। छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के अभियान में सुरक्षा बलों को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। सशस्त्र विद्रोह का प्रमुख चेहरा और कई बड़ी साजिशों का मास्टरमाइंड माना जाने वाला पापा राव अब पुलिस की शरण में है। अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर करते हुए उसने स्पष्ट किया कि वह अब भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखते हुए जीवन व्यतीत करेगा।
यह समर्पण राज्य सरकार के उस लक्ष्य को बल देता है, जिसमें 31 मार्च 2026 तक प्रदेश को पूरी तरह नक्सल मुक्त करने का संकल्प लिया गया है।
पर्दे के पीछे की रणनीति: जनवरी से जारी थी कोशिशें
यह कामयाबी रातों-रात नहीं मिली। इसकी पटकथा जनवरी 2026 से ही लिखी जा रही थी:
संवाद का जाल: सुरक्षा एजेंसियों ने नेशनल पार्क के दुर्गम इलाकों में पापा राव के लिए संदेश और चिट्ठियां छोड़ी थीं।
विश्वास की बहाली: रणनीति का मुख्य केंद्र नक्सलियों के मन में विश्वास पैदा करना था।
अंतिम कॉल: लंबी खामोशी के बाद, हाल ही में एक गोपनीय फोन कॉल के जरिए आत्मसमर्पण की इच्छा जताई गई, जिसके बाद इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
पापा राव: ट्रेनिंग मास्टर और साजिशों का रचयिता
पापा राव केवल एक लड़ाका नहीं, बल्कि नक्सल संगठन का एक मजबूत स्तंभ था। उसकी प्रोफाइल से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें:
बड़ी वारदातों में शामिल: ताड़मेटला जैसे भीषण हमलों (76 जवानों की शहादत) में उसकी भूमिका अहम मानी जाती है।
मुख्य प्रशिक्षक (Trainer): वह नए कैडर को आईईडी (IED) प्लांट करने, एंबुश लगाने और घने जंगलों में टिके रहने की ट्रेनिंग देता था।
छल और अफवाहें: पिछले 20 वर्षों में उसने खुद को सुरक्षित रखने के लिए कई बार अपनी मौत की झूठी खबरें फैलाईं। 2016 में सांप काटने और 2020 में किडनी की बीमारी से मौत की अफवाहें इसी रणनीति का हिस्सा थीं।
अब केवल तीन बड़े चेहरे बाकी
पापा राव के सरेंडर के बाद अब छत्तीसगढ़ के जंगलों में नक्सलवाद का नेतृत्व काफी कमजोर हो गया है। अब केवल तीन प्रमुख इनामी नक्सली सक्रिय बचे हैं:
नक्सली नेता,सक्रिय क्षेत्र
हेमला बिच्चा,बीजापुर और तेलंगाना सीमा
सोढ़ी केशा,बीजापुर के सीमावर्ती इलाके
रूपी (महिला लीडर),कांकेर और आसपास का क्षेत्र
निष्कर्ष: पापा राव का आत्मसमर्पण न केवल संगठन की कमर तोड़ देगा, बल्कि अन्य नक्सलियों के लिए भी आत्मसमर्पण की राह आसान करेगा।
















