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माओवादी बंद : पाँच राज्यों में सुरक्षा कड़ी

जमशेदपुर (एजेंसी)। नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) ने झारखंड समेत पाँच राज्यों में बंद का आह्वान किया है। यह बंद नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ों में उनकी मौत के विरोध में बुलाया गया है। इस घोषणा के मद्देनज़र, रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

रेलवे मार्ग पर बढ़ी चौकसी

बंद को देखते हुए चक्रधरपुर मंडल और हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पूरी तरह सतर्क है। ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करमपदा तथा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में रेल लाइन के किनारे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की चार कंपनियों को तैनात किया गया है।

मंगलवार देर रात से ही चक्रधरपुर मंडल रेल क्षेत्र में लाइट इंजन के माध्यम से लाइन गश्त शुरू कर दी गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्टेशनों और केबिन के आस-पास आधुनिक उपकरणों से लैस जवान तैनात किए गए हैं। नक्सलियों ने 15 अक्टूबर को झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में बंद का ऐलान किया है।

प्रतिरोध सप्ताह और सुरक्षा उपाय

झारखंड में इससे पहले प्रतिरोध सप्ताह के दौरान भी नक्सलियों ने कई घटनाओं को अंजाम दिया था, जिसके बाद रेलवे और भी सतर्क हो गया है। रेलवे सुरक्षा में इसलिए जुटा है ताकि ट्रेनों का परिचालन बाधित न हो और रेल या यात्रियों की संपत्ति को कोई नुकसान न पहुँचे।

सुरक्षा ड्यूटी कर रहे जवानों को बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने का आदेश दिया गया है। सूचना के अनुसार, चाईबासा, करमपदा, चांडिल और मनोहरपुर रेलमार्ग पर इंजन से लाइन पेट्रोलिंग की जा रही है और सूचना प्रसारण पर विशेष ज़ोर दिया गया है। आरपीएफ के दर्जनों अधिकारियों को अतिरिक्त ज़िम्मेदारी सौंपी गई है ताकि वे स्टेशन, यार्ड और अन्य क्षेत्रों में तैनात जवानों की निगरानी कर सकें और उन्हें सहायता उपलब्ध करा सकें।

संभावित खतरों की खुफिया जानकारी

यह ध्यान देने योग्य है कि अगस्त में हुए पिछले बंद के दौरान नक्सलियों ने करमपदा के पास रेल लाइन पर विस्फोट किया था, जिसमें एक रेल कर्मचारी की मृत्यु हो गई थी और मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन दो-तीन दिनों के लिए ठप रहा था। खुफिया रिपोर्टों में भी वर्तमान नक्सली बंद के दौरान विस्फोट करने, जवानों पर हमला करने और ट्रेन परिचालन को बाधित करने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह मुस्तैद हैं।

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